आपका बच्चा स्कूल की गाड़ी से पढ़ने जाता है तो यह खबर पढ़ लें, सबका हिसाब रखेगी बिहार सरकार
स्कूल वाहनों की ऑनलाइन निगरानी भी होगी। बच्चों के साथ स्कूल वैन में अपराध की घटनाएं भी इससे थमेंगी। इसी मकसद से पोर्टल लांच करने की तैयारी की जा रही है। राज्य के सभी जिलों के ट्रैफिक एसपी और डीटीओ (जिला परिवहन पदाधिकारी) की देखरेख में ये सभी कार्य पूरे किये जाएंगे।

Bihar News: बिहार के सभी जिलों के सभी निजी स्कूलों के वाहनों का पूरा लेखा-जोखा परिवहन विभाग के पास रहेगा। इसको लेकर परिवहन विभाग इसी माह पोर्टल लॉन्च करेगा। विभाग के सचिव राज कुमार ने बताया कि पोर्टल पर सभी स्कूल अपना पंजीयन करेंगे। इसके साथ ही अपने स्कूल के सभी वाहनों और उसके चालकों का पूर्ण विवरणी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने यह पहल की है।
इससे वाहनों की ऑनलाइन निगरानी भी हो सकेगी। बच्चों के साथ स्कूल वैन में अपराध की घटनाएं भी इससे थमेंगी। इन्हीं मकसद से पोर्टल लांच करने की तैयारी की जा रही है। राज्य के सभी जिलों के ट्रैफिक एसपी और डीटीओ (जिला परिवहन पदाधिकारी) की देखरेख में ये सभी कार्य पूरे किये जाएंगे। पोर्टल के लॉन्च होने के साथ ही इससे संबंधित दिशा-निर्देश जिलों को भेजा जाएगा। इसके बाद जिलों के माध्यम से संबंधित स्कूलों को इसकी सूचना दी जाएगी। किन स्कूलों में कौन-कौन से वाहन बच्चों को घर से लाने और ले जाने के लिए चलते हैं, इसका पूरा व्योरा पोर्टल पर रहेगा। कई जिलों में जर्जर और खराब वाहनों में बच्चों को ले जाने और हादसों की खबरें आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
फिटनेस और बीमा पर भी रहेगी नजर
इसमें बड़ी बस, मिनी बस से लेकर हर तरह के वाहन की जानकारी स्कूलों को देनी होगी। इसके साथ ही सभी वाहनों की फिटनेस, बीमा आदि की क्या स्थिति है, वाहन कितनी तेजी गति से चल रहे हैं, इन तमाम पहलुओं पर नजर रखी जाएगी।
सभी वाहन लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ेंगे
परिवहन विभाग के लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से भी सभी स्कूली वाहनों को जोड़ा जाएगा। किसी वाहन के फिटनेस अथवा बीमा की अवधि समाप्त हो गयी है तो इसकी तत्काल जानकारी भी विभाग को हो जाएगी। इसको लेकर जिला परिवाहन पदाधिकारी के माध्यम से स्कूलों को नोटिस जाएगा कि संबंधित पोर्टल पर अपने वाहनों का पंजीयन अनिवार्य रूप से करायें। विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि आगे के चरणों में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के वाहनों का भी पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा।
यात्री बसों और टैक्सी की हो रही निगरानी
यात्री बसों और टैक्सी की मॉनटिरिंग विभाग के ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए की जाती है। इसके जरिये तय गति सीमा से अधिक तेज चलाने वाले वाहनों से जुर्माना भी वसूला जाता है। राज्यभर की 27 हजार से अधिक छोटी-बड़ी बसें तथा 28 हजार टैक्सियां ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ी हुई हैं।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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