बिहार में छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत, शिक्षा विभाग का सिंगल विंडो सिस्टम लॉन्च; टोल-फ्री नंबर पर दर्ज होगी शिकायत
Bihar News Today: बिहार शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' लॉन्च किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि अब टोल-फ्री नंबर से घर बैठे शिकायतें सुलझेंगी।

Bihar News Today: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुगम और हाई-टेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को अपनी छोटी-बड़ी शैक्षणिक समस्याओं के समाधान के लिए राज्य मुख्यालय यानी पटना सचिवालय के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। शिक्षा विभाग ने इन सभी समस्याओं के तुरंत निपटारे के लिए एक अत्याधुनिक 'सिंगल विंडो सिस्टम' तैयार किया है, जिससे घर बैठे ही लोगों की हर परेशानी का समाधान एक ही स्थान पर हो जाएगा।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने किया नई व्यवस्था का उद्घाटन
मंगलवार को बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत इस 'सिंगल विंडो सिस्टम' का विधिवत तरीके से उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार युद्धस्तर पर काम कर रही है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अब अपनी समस्याओं को लेकर पटना आने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम उनके समय, ऊर्जा और पैसे तीनों की बचत करेगा।
टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर दर्ज कराएं शिकायत
इस नई प्रणाली के तहत शिक्षा विभाग ने एक 'टोल-फ्री नंबर' भी जारी करने की व्यवस्था की है। अब विद्यार्थी और उनके अभिभावक सीधे इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायतें या समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए आश्वस्त किया है कि इस सिस्टम के माध्यम से प्राप्त होने वाली हर शिकायत का एक निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
छात्रवृत्ति से लेकर प्रमाण पत्र तक, हर समस्या का होगा निपटारा
यह नई पहल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के बीच एक बेहतर और सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस हाई-टेक व्यवस्था के माध्यम से अब छात्रवृत्ति के अटके मामले, नामांकन में आ रही दिक्कतें, शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने में होने वाली देरी, स्कूल और शिक्षकों से संबंधित शिकायतों सहित अन्य तमाम शैक्षणिक समस्याओं का समाधान अब बेहद सरल और सुगम हो सकेगा। इससे सिस्टम में लालफीताशाही खत्म होगी।


