सीओ, राजस्व कर्मियों की हड़ताल पर बिहार सरकार ने निकाली काट, विजय सिन्हा ने क्या कहा?
हड़ताल पर गए सीओ और राजस्व कर्मियों की वजह से अंचलों में जमीन के काम प्रभावित ना हो, इसकी सरकार ने काट निकाल ली है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि अंचलों में सीओ का प्रभार बीडीओ को सौंपा जा रहा है।
Bihar News: बिहार में अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की हड़ताल से अंचलों में जमीन के काम प्रभावित हुए हैं। अब राज्य सरकार ने इसकी वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि राजस्व कर्मियों एवं अधिकारियों की हड़ताल से जनता को कोई असुविधा नहीं होगी। सरकार की प्राथमिकता है कि अंचलों में जमीन से जुड़े सभी आवश्यक काम नियमित रूप से चलते रहें।
विजय सिन्हा ने गुरुवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य में अंचलाधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित ना हो, इसके लिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च महीने में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं। इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न ना हो।
दूसरी ओर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों से राजस्व कर्मियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी। इसके आधार पर अचंलों में प्रभावित कामकाज की समीक्षा की जा रही है। जिन अंचलों में सीओ और अन्य कर्मियों की हड़ताल से जमीन के काम अटके हैं, वहां पर बीडीओ या अन्य पदाधिकारियों को प्रभार सौंपा जा रहा है।
बता दें कि डीसीएलआर के रूप में तैनाती की मांग कर रहे अंचलाधिकारी यानी सीओ 9 मार्च से हड़ताल पर हैं। वहीं, राजस्व विभाग से जुड़े अन्य कर्मचारी अधिकारी भी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर हैं। एक दिन पहले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सभी पदाधिकारियों से काम पर लौटने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि अगर वे हड़ताल खत्म करते हैं तो सरकार बातचीत का रास्ता खोलेगी।
दो दिन पहले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताल कर रहे राजस्व कर्मियों को चेतावनी दी थी कि अपनी मांगों को रखने का यह तरीका गलत है। अगर वे काम पर नहीं लौटे तो उन्हें निलंबित किया जाएगा।
(इनपुट- हिन्दुस्तान ब्यूरो)
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


