LPG के लिए नहीं रुकेगी शादी, भोज के लिए मिलेगा सिलेंडर; बिहार सरकार की गाइडलाइन जारी
बिहार सरकार ने शादियों में भोज के लिए गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अब एलपीजी के चलते शादी समारोह में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सभी जिलों को उपलब्धता के आधार पर शादी वाले परिवारों को कमर्शियल गैस सिलेंडर देने को कहा गया है।

एलपीजी संकट के बीच अब बिहार में शादियों के जश्न में खलल नहीं पड़ेगा। शादी समारोह में बारातियों और मेहमानों का भोज बनाने के लिए अब आसानी से गैस सिलेंडर मिल जाएगा। बिहार सरकार ने इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। विभाग की मंत्री लेशी सिंह एवं सचिव अभय कुमार सिंह ने बुधवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। खरमास खत्म होने के बाद 12 दिनों बाद शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने वाला है।
मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि जिन परिवारों में शादी होने वाली है, उन्हें कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, संबंधित जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता के आधार पर इसका वितरण होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए लाइन लगाने के बाद चार से पांच दिनों के अंदर इसकी आपूर्ति घरों में की जा रही है।
एलपीजी संकट से बढ़ गया कैटरिंग का खर्च
अमेरिका-ईरान युद्ध एवं मध्य-पूर्व में बीते महीने से आए संकट के चलते बिहार समेत पूरे भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके बाद केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए और इसके दाम में भी बढ़ोतरी हुई। रसोई गैस की कालाबाजारी एवं जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने व्यावसायिक कार्यों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी।
साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक समेत अन्य प्रतिष्ठानों आदि के लिए कमर्शियल गैस कनेक्शन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया । बिना पंजीकरण के अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलेंगे। गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के चलते शादी समारोह समेत अन्य मांगलिक आयोजनों में कैटरिंग का खर्च बढ़ गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने, इसकी उपलब्धता में कमी आने और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्ती बरतने के कारण कैटरिंग संचालकों ने शादी जैसे आयोजनों में भोज पर प्रति प्लेट खर्च बढ़ा दिया। भोज के दाम में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे शादी वाले परिवारों की जेब ढीली होने वाली है। कई लोग शादी में भोजन के मेन्यू को छोटा भी कर रहे हैं। एक्स्ट्रा आइटम और लाइव काउंटर को हटाया जा रहा है, ताकि कम गैस की खपत में भोजन तैयार हो सके।
खरमास के बाद गूंजेगी शहनाई
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अभी खरमास चल रहा है। 14 अप्रैल को खरमास खत्म हो जाएगा। इसके बाद शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 20 अप्रैल से वैवाहिक मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। अप्रैल और मई महीने में शादियों के कई शुभ मुहूर्त हैं। खरमास खत्म होते ही बैंड बाजा, टेंट, कैटरिंग वालों को अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


