बिहार सरकार के कर्मियों की बल्ले-बल्ले; इलाज की कैशलेस सुविधा जल्द, विधायकों को भी लाभ

Feb 06, 2026 08:49 pm ISTSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्यकर्मियों और विधायकों के इलाज की प्रतिपूर्ति की जाती है। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने कहा कि कैसलेश स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।

बिहार सरकार के कर्मियों की बल्ले-बल्ले; इलाज की कैशलेस सुविधा जल्द, विधायकों को भी लाभ

बिहार सरकार अपने कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मियों तथा उनके आश्रितों को अस्पतालों में कैसलेश स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। यही व्यवस्था विधानमंडल के सदस्यों (विधायकों और पूर्व विधायकों) तथा उनके आश्रितों के लिए भी होगी। विधानसभा में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह घोषणा की। इसका लाभ राज्य के दस लाख से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मियों को मिलेगा।

विधानसभा की पहली पाली में विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इससे संबंधित प्रश्न पूछा था। इसके जवाब में प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्यकर्मियों और विधायकों के इलाज की प्रतिपूर्ति की जाती है। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने कहा कि कैसलेश स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कई बार इसका आश्वासन दिया गया, पर यह लागू नहीं हो सका है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रभारी मंत्री को कहा कि एक सप्ताह के अंदर बैठक कर इस पर निर्णय ले लें।

जिवेश मिश्र ने भी कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत विधायकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए एक बार फिर उपमुख्यमंत्री खड़े हुए और सदन को बताया कि कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी, इसमें कोई दो-मत नहीं है। प्रभारी मंत्री ने सदन को यह भी जानकारी दी कि झारखंड सरकार के द्वारा वर्तमान विधायकों तथा सभी कार्यरत-सेवानिवृत कर्मियों और उनके आश्रितों को एक निश्चित राशि तक स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाता है।

सरकारी अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो मृतक के परिजनों की मांग पर उन्हें शव वाहन उपलब्ध कराये जाएंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों और जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया है। विभाग के सचिव लोकेश कुमार ने जारी पत्र में कहा है कि पूर्व के निर्देश के बावजूद ऐसे दृष्टांत सामने आ रहे हैं कि गरीब-न:सहाय व्यक्तियों को शव वाहन की समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है, जो अत्यंत खेदजनक है।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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