
Garkha Seat: गड़खा में चिराग के भांजे सीमांत को मिली हार, RJD के सुरेंद्र राम की जीत की हैट्रिक
संक्षेप: Garkha Seat Result: चिराग के भांजे सीमांच मृणाल यहां 12 हजार वोटों से राजद के सुरेंद्र राम से हार गए हैं। कुल 26 राउंड की काउंटिंग के बाद एलजेपी रामविलास की पार्टी के नेता सीमांत मृणाल को 78330 वोट मिल हैं तो वहीं राजद के सुरेंद्र राम को 91134 वोट मिले हैं।
Garkha Seat Result: गड़खा विधानसभा सीट सारण जिले की एक और महत्वपूर्ण सीट के नतीजे आ गए हैं। गड़खा विधानसभा सीट पर चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास झटका लगा है। चिराग के भांजे सीमांच मृणाल यहां 12 हजार वोटों से राजद के सुरेंद्र राम से हार गए हैं। कुल 26 राउंड की काउंटिंग के बाद एलजेपी रामविलास की पार्टी के नेता सीमांत मृणाल को 78330 वोट मिल हैं तो वहीं राजद के सुरेंद्र राम को 91134 वोट मिले हैं। राजद ने यहां से जीत की हैट्रिक लगा ली है।.

18:08 PM- गड़खा सीट पर चिराग के भांजे सीमांत मृणाल हार की ओर बढ़े, 24 राउंड के बाद भी पीछे
गड़का विधानसभा सीट पर चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल हार की ओर बढ़ गए हैं। 24 राउंड की काउंटिंग के बाद लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के सीमांत 10045 वोटों से पीछे चल रहे हैं। उनसे आगे राजद के सुरेंद्र राम हैं।
14:34 PM- 15 राउंड की काउंटिंग के बाद भी LJPV रामविलास के मृणाल पीछे
गड़खा विधानसभा सीट पर 15 राउंड की काउंटिंग पूरी हो गई है। यहां से चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल पीछे चल रहे हैं। उन्हें राजद के सुरेंद्र राम ने 4268 वोटों से पीछे किया हुआ है।
12:03 PM- गड़खा में एलजेपी रामविलास को झटका, 7 राउंड की काउंटिंग के बाद आगे निकली राजद
राष्ट्रीय जनता दल के सुरेंद्र राम ने लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के सीमांत मृणाल को पीछे कर दिया है। 7 राउंड की वोटों की गिनती के बाद दोनों के बीच 2622 का अंतर हो गया है।
10:27 AM- गड़खा सीट पर चिराग के भांजे सीमांत मृणाल आगे, राजद के सुरेंद्र राम पीछे
गड़खा विधानसभा सीट पर गड़खा सीट पर चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी राम विलास आगे चल रही है। चिराग के भांजे सीमांत मृणाल 2 राउंड की काउंटिंग के बाद आगे चल रहे हैं। उन्होंने राजद के सुरेंद्र राम को 1599 वोटों के अंतर से पीछे कर रखा है।
गड़खा सीट के बारे में
गरखा हमेशा से आरक्षित नहीं था। इसे 1957 में स्थापित किया गया था और शुरुआती दो चुनावों में यह एक सामान्य श्रेणी की सीट थी। लेकिन,1967 में इसे अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया। 2008 में नए सिरे से हुए परिसीमन के दौरान भी यह स्थिति अपरिवर्तित रही। 2008 के परिसीमन ने निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं को बदल दिया था। अब इसमें गरखा सामुदायिक विकास खंड के साथ-साथ छपरा सामुदायिक विकास खंड की 14 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। गरखा में मुश्किल से 13.69 प्रतिशत अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC) की आबादी है, फिर भी यह अनुसूचित जाति समुदाय के लिए आरक्षित है। जबकि, बिहार में ऐसे कई अन्य निर्वाचन क्षेत्र हैं जहाँ 20 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी होने के बावजूद वे सामान्य (General) सीटें हैं।
गड़खा सीट का चुनावी इतिहास
गरखा में विभिन्न राजनीतिक दलों को वोट मिलते रहे हैं। यहां अब तक हुए 16 चुनावों में अलग-अलग राजनीतिक दलों ने जीत हासिल की है। प्रमुख जीतने वाले दलों में कांग्रेस (5 बार), राजद (3 बार), निर्दलीय (3 बार) और भाजपा (2 बार) शामिल हैं। इसके अलावा,प्रजा सोशलिस्ट पार्टी,जनता पार्टी और जनता दल ने एक-एक बार जीत हासिल की है।
हाल के समय में यह भाजपा (BJP) और राजद के बीच एक युद्ध का मैदान बन गया है। राजद ने यहां पहली जीत 2000 में हासिल की थी। पिछले चार चुनावों में,भाजपा और राजद दोनों ने दो-दो बार जीत हासिल की है। भाजपा ने 2005 और 2010 में जीता,जबकि राजद ने 2015 और 2020 में जीता। राजद ने 2015 में 39,883 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की,जिसके बाद 2020 में यह अंतर कम होकर 9,937 वोट रहा। भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनावों में भी कोई राहत नहीं मिली। भले ही भाजपा के राजीव प्रताप रूडी ने सारण लोकसभा सीट जीती,लेकिन गड़खा विधानसभा क्षेत्र में वह राजद की रोहिणी आचार्य से 8,914 वोटों से पीछे रह गए।





