Bihar Flood: बिहार में कोसी, गंडक, सोन और गंगा समेत 7 नदियां उफान पर; चंपारण से लेकर भागलपुर तक तबाही; दहशत में लोग

हिन्दुस्तान, पटना
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Bihar Flood: बिहार में गंगा, कोसी, पुनपुन, सोन, गंडक सहित राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों के स्कूलों में पानी घुस गया है और कई जगहों पर पढ़ाई बंद कर दिया गया है। समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर बह रही है। कई दियारा इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है।

Bihar Flood
बिहार की सात नदियां उफनाने लगी हैं। कई जिलों में लोग दहशत में हैं। (फाइल फोटो)

Bihar Flood: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और ऊपरी जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण बिहार की प्रमुख नदियां एक बार फिर उफान पर हैं। गंडक, गंगा, कोसी, बागमती, सरयू और सोन के बढ़ते जलस्तर से पश्चिमी चंपारण से लेकर भागलपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, सारण, बक्सर और रोहतास तक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वाल्मीकिनगर बराज से बुधवार शाम तक 1.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, वहीं सुपौल में कोसी बराज से 2.22 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर बह रही है। कई दियारा इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, खेत डूब गए हैं और कटाव से घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

वाल्मीकिनगर बराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा शाम छह बजे 1.88 लाख क्यूसेक हो गई। लगातार बढ़ते डिस्चार्ज से गंडक से सटे दियारा के गांवों में दहशत है। मधुबनी प्रखंड के रेवहिया गांव में तेज कटाव की चपेट में आकर तीन घर नदी में समा गए। चुलभट्ठा, ठाड़ी, चकदहवा समेत निचले इलाकों में कटाव का खतरा बढ़ गया है। पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर 62.92 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। गोपालगंज में भी पिछले 24 घंटे में गंडक का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा है।

पथ निर्माण मंत्री भी राघोपुर घाट पर दिनभर डटे रहे

पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक ईं. शैलेन्द्र भी बुधवार को पूरे दिन राघोपुर घाट पर मुस्तैद रहे। उन्होंने बचाव कार्यों की जानकारी ली। प्रशासन और विभागीय टीम की सक्रियता से बुधवार को कटाव थमा रहा, लेकिन गंगा की लगातार बदलती धारा और तेज भंवर के कारण तटवर्ती लोगों की चिंता अभी कम नहीं हुई है।

भागलपुर में मिट्टी के कटाव से स्थिति खतरनाक : विजय

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि भागलपुर नदी के किनारे मिट्टी के कटाव के कारण स्थिति खतरनाक बनी हुई है। ज्यादा कटाव नहीं हो इसके लिए बड़े-बड़े स्टीमर को भी काम में लगाया गया है। बुधवार को उन्होंने मीडिया के सवाल पर कहा कि गंगा नदी के बहाव में इस साल बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्थिति धारा मुड़ने जैसी है। अंडर माइनिंग (अंदर से मिट्टी का कटाव) के कारण ज्यादा दिक्कत है। नदी के बर्ताव में भी काफी बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए निगरानी तेज कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन नदी में पानी का स्तर बढ़ा है। इंद्रपुरी बराज से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंडक और कोसी बराज से 1.75 से 2 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। स्थिति नियंत्रण करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। कुछ जगहों पर नुकसान के बाबजूद स्थिति नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है।

एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 09 टीमें तैनात

बिहार में गंगा, कोसी, पुनपुन, सोन, गंडक सहित राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बुधवार को प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस कारण निचले इलाके में पानी फैलने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग ने गंगा, पुनपुन, सोन में जलस्तर बढ़ने के बाद छह जिलों पटना, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और गया को अलर्ट किया है।

एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 09 टीमों को विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। भोजपुर के कोइलवर से एक गांव को खाली कराकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। भागलपुर के सबौर और खरीक प्रखंड में जलसंसाधन विभाग की टीम कटाव रोकने को मुस्तैद है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और जलसंसाधन सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध का जायजा लिया।

बांका: निर्माणाधीन बहोरना पुल का टूटा डायवर्सन

बांका जिले में फुल्लीडुमर प्रखंड के खेसर-तारापुर मुख्य मार्ग में बहोरना गांव के समीप लोहागढ़ नदी पर निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन बुधवार की शाम नदी की तेज धारा में टूटकर बह गया। डायवर्सन टूटने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है।

कई जिलों में तबाही

● चंपारण: वाल्मीकिनगर बराज से 1.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

● समस्तीपुर: गंगा खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर

● निचले इलाकों के स्कूलों में पानी घुसा, कई जगह पढ़ाई बंद

● भागलपुर-नवगछिया: पुरानी रेलवे लाइन को बचाने के लिए मेगा बैग और जियो बैग डाले जा रहे

● सुपौल-सहरसा-मधेपुरा: सहरसा के दियारा क्षेत्रों में कटाव और विस्थापन का खतरा, मधेपुरा में सड़कों पर पानी

● गोपालगंज: गंडक के जलस्तर में 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर वृद्धि, आज और बढ़ोतरी की आशंका

● सारण: गंगा, सरयू, सोन और गंडक के उफान से छह प्रखंड प्रभावित। पंचायतों का संपर्क टूटा,

● बक्सर: गंगा के जलस्तर से दियारा गांव घिरे, खेतों में पानी फैलने लगा है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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