Bihar Flood: बाढ़ से भोजपुर, बक्सर और सारण समेत बिहार के 12 जिलों में हालत गंभीर, पटना में गंगा लाई आफत

हिन्दुस्तान, पटना
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Bihar Flood: गंगा नदी में उफान के बीच आरा और हाजीपुर के शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। हाजीपुर शहर के आठ वार्ड जलमग्न हैं जबकि आरा शहर के छह वार्डों में बाढ़ का पानी पसर जाने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।

Bihar Flood
बिहार के कई जिलों में बाढ़ से आफत की स्थिति है।

Bihar Flood: प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बिहार के 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गयी है। इससे तटबंधों पर दबाव बना हुआ है और नए इलाकों में पानी फैलने लगा है। शनिवार को पटना के गांधीघाट में गंगा के उच्चतम जलस्तर का नया रिकॉर्ड बना। दस साल पहले 2016 में गांधीघाट में गंगा का जलस्तर 50.52 मीटर था, जो अब 50.57 मीटर तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 183 सेंटीमीटर अधिक है। रविवार को जलस्तर 50.62 मीटर होने की आशंका है।

उधर, सारण में माही व सुखमयी नदी के बांध टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ के मद्देनजर 12 जिलों-पटना, बक्सर, भोजपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय,मुंगेर, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार के प्रभारी मंत्री एवं प्रभारी सचिव को तत्काल वहां का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने पटना में शहरी सुरक्षा तटबंध के आसपास के इलाकों पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

हाजीपुर और आरा शहर के कई मोहल्लों में पानी घुसा

गंगा में उफान के बीच आरा और हाजीपुर के शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। हाजीपुर शहर के आठ वार्ड जलमग्न हैं जबकि आरा शहर के छह वार्डों में बाढ़ का पानी पसर जाने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उधर, सारण जिले के दिघवारा प्रखंड की त्रिलोकचक पंचायत के केशरपुर गांव के समीप मही नदी का बांध शनिवार की सुबह 25 से 30 फीट की चौड़ाई में टूट गया। वहीं, दरियापुर में मठिया के पास भी सुखमयी नदी का बांध टूट गया है।

हाजीपुर -महनार रोड एसएस 122 बी पर नयागंज और हसनपुर पलवैया के समीप सड़क पर पानी आ जाने से यातायात बाधित है। वहीं, महात्मा गांधी सेतु से कोनहाराघाट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क भी बाढ़ के पानी के कारण बाधित है। भोजपुर के बड़हरा, शाहपुर समेत विभिन्न प्रखंडों में बाढ़ विकराल रूप लेती जा रही है। पानी शुक्रवार की देर रात सरैया-आरा मुख्य मार्ग पर चौमुखा, पिपरा और यादवपुर के पास सड़क पर पानी चढ़ गया है।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की 34 टीमें तैनात

गंगा के अलावा सोन, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, घाघरा, बागमती भी कई जगहों पर लाल निशान से ऊपर है। एनडीआरएफ की सात और एसडीआरएफ की 27 टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आवागमन प्रदान करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 50 चिकित्सा शिविर, 19 वोट एम्बुलेंस और 36 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। आवागमन को सुगम बनाने के लिए कुल 858 नावों का परिचालन कराया जा रहा है।

सम्राट चौधरी ने की बाढ़ की समीक्षा

इधर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में सामुदायिक रसोईघर बढ़ाने और उन्हें 24 घंटे संचालित रखने को कहा है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीम की तैनाती तथा दियारा क्षेत्रों में बोट एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आवश्यकता के अनुसार मेडिकल कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने शनिवार को भागलपुर के नवगछिया में राघोपुर तटबंध का निरीक्षण किया। साथ ही बेगूसराय स्थित आईओसीएल परिसर के दिनकर गेस्ट हाउस में बेगूसराय, मुंगेर एवं खगड़िया जिले में बाढ़ की तैयारियों एवं राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एरियल सर्वे कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।

बैठक में तीनों जिलों के जिलाधिकारियों ने बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रशासनिक तैयारियों एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। बेगूसराय के जिलाधिकारी रिची पांडेय, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर एवं खगड़िया के डीएम विक्रम वीरकर ने अपने जिलों में गंगा नदी के जलस्तर, बाढ़ प्रभावित पंचायतों एवं नगर निकायों, नावों की उपलब्धता, राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा व्यवस्था तथा तटबंधों की सुरक्षा को लेकर की गयी तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने और कोई भी किसान लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग से समन्वय एवं सहमति लेकर पुल निर्माण कार्य में लगी बड़ी नावों का उपयोग जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किया जाए। बैठक में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, सहकारिता मंत्री सह बेगूसराय जिला के प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, सांसद अजय कुमार मंडल मौजूद थे।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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