Bihar Flood: गंगा लाल निशान के पार, मनेर-दानापुर के गांवों का सड़क संपर्क टूटा; NDRF ने संभाला मोर्चा
पटना के दानापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में नदी का पानी चारों तरफ फैल चुका है। जलस्तर भी खतरे का निशान से दानापुर देवनियानाला में छूनने वाला है। कंगन घाट पर भी पानी चबूतरा तक आ चुका है।

बिहार में कई जगहों पर नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पटना में दीघा और गांधी घाट पर शनिवार को गंगा लाल निशान को पार कर गई है। मनेर और दानापुर दियारा में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। दियारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से महेंद्रू घाट के पाथवे पर पानी चढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुबह में लोगों को पाथवे पर टहलने से रोक लगा दी है। दियारा इलाके में लोग अपने सामान और पशुओं के साथ ऊंचे इलाके में जाने की तैयारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं के चारा के लिए हो रहा है।
पटना में गंगा का जलस्तर पिछले सात आठ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। इसका असर अब घाटों से आगे बस्तियों और सड़कों के किनारे तक दिखाई देने लगा है। दीघा घाट, पर्यटन घाट समेत लगभग सभी प्रमुख घाटों पर गंगा का पानी ऊपर चढ़ गया है। शनिवार सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार दीघा घाट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.45 मीटर है। गांधी घाट पर जलस्तर 48.80 है जबकि खतरे का निशान 48.68 मीटर है। हथीदह में भी गंगा खतरे का निशान पार कर चुकी है। यहां जलस्तर 42.22 है जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है।
पुनपुन और कररुआ नदी समेत अन्य नदियों में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए मसौढ़ी अनुमंडल प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। पटना के मनेर में सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। शनिवार को सोन नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है। रविवार को इसमें 17 सेंटीमीटर वृद्धि होने की आशंका है।
पटना सिटी: महावीर घाट के संपर्क पथ पर चढ़ा पानी
बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा का पानी गंगा पथ पर आ गया है। महावीर घाट के पास संपर्क पथ पर गंगा का पानी दो से तीन फीट चढ़ गया है। जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानी होने लगी है। गंगा तट पर बनी रेलिंग और सीढ़ियां पूरी तरह से डूब चुकी है। इधर भद्रघाट के पास भी पानी तेजी से सउ़क की ओर बढ़ रहा है।
कंगन घाट पर भी पानी चबूतरा तक आ चुका है। संपर्क पथ पर गंगा का पानी आ जाने के कारण गायघाट से खाजेकला घाट के बीच गंगा पथ पर वाहनों के आवागमन पर असर पड़ रहा है। वहीं गंगा तट के पास खेतों में पानी भर जाने से फसल का भी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि बाढ़ का पानी खेतों में घुस जाने फसलों को नुकसान है।
मनेर और दानापुर के गांवों का सड़क संपर्क टूटा
दानापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में नदी का पानी चारों तरफ फैल चुका है। जलस्तर भी खतरे का निशान से दानापुर देवनियानाला में छूनने वाला है। सभी गांवों का सड़क सम्पर्क टूट चुका है। सभी खेत खलिहानों में पानी की धारा बहने लगी है। दियारा वासियों ने बताया कि घर के पास नदी बह रही है। पानी का धारा तेज रहने से हमलोगों को घरों से बाहर निकलने में विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व जिला पार्षद ओमप्रकाश राय ने सरकारी नाव चलाने की मांग की है। बताया कि दियारा क्षेत्र के पुरानी पानापुर, कासिमचक,हेतनपुर, गंगहारा, पतलापुर, मानस और अकीलपुर पंचायत के विभिन्न गांवों के पास पानी का बहाव हो रहा है। खेतों में लगी फसलें पानी में डूबने लगे हैं।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने राहत-बचाव का मोर्चा संभाला
पटना जिले में संभावित बाढ़ से राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। एसडीआरएफ की एक कंपनी 12 बोट और 32 जवानों के साथ गायघाट और पटना सिटी में तैनात है। वहीं एनडीआरएफ की दो टीमें आठ बोट के साथ दीदारगंज बाजार समिति परिसर में तैनात रखी गई हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पटना जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित ठहराव के लिए जिला प्रशास ने 120 शरण स्थलों को चिह्नित किया है। साथ ही पांच इन्फ्लेटेबल लाइटिंग सिस्टम, 543 लाइफ जैकेट और दो महाजाल की व्यवस्था की गई है।
31 अतिसंवेदनशील और 181 संवेदनशील स्थल चिह्नित हुए
पटना जिले से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को पूरी तरह सजग रहने और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने का निर्देश दिया है। बाढ़ की दृष्टि से जिले में 31 अतिसंवेदनशील और 181 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर बाढ़ से बचाव के लिए 8 लाख 58 हजार बालू भरे ईसी बैग, 2,083 घनमीटर स्थानीय बालू, 64,093 नायलॉन क्रेट और 10,682 जियो बैग उपलब्ध कराए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पटना जिले में विभाग के पांच प्रमंडल कार्यरत हैं।नदियों के तटबंधों पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। नालंदा और जहानाबाद की ओर से पटना जिले में आने वाली नदियों के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है।
बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा उफान पर
उत्तर प्रदेश में गंगा में उफान होने के कारण बक्सर से पटना होते हुए भागलपुर तक गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। एक-दो दिन और गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 104 सेंटीमीटर नीचे था। लेकिन, इसके जलस्तर में रविवार तक 32 सेंटीमीटर बढ़ने के आसार हैं। खगड़िया के बलतारा में कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर आ गया है। गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर आ गया।


