
Bihar Flood: मेड़ टूटी, दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित; बिहार में कमला और बागवती नदी ने लाई मुसीबत
संक्षेप: Bihar Flood: सीओ रात से ही मरम्मत कार्य में जुटे हैं, लेकिन रात में प्रयास विफल रहा। खेतों में पानी फैलने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल को खतरे के बाद यहां किसान भी परेशान हैं।
Bihar Flood: बिहार के दरभंगा जिले में कमला नदी के बढ़े जलस्तर से लोग दहशत में हैं। यहां केवटी प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र की कमला नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से नदी के पश्चिम दक्षिण कोने पर नदी और बाध के बीच बनी मेड़ करीब 25 फीट की दूरी में टूट गयी है। वहां करीब चार फीट पानी चल रहा है। नतीजतन पानी मझिगामा पंचायत की ओर तेजी से फैल रहा है।

इधर इसकी सूचना मिलते ही सीओ भास्कर कुमार मंडल ने स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मेड़ की मरम्मत का काम शुरू कराया। सीओ रात से ही मरम्मत कार्य में जुटे हैं, लेकिन रात में प्रयास विफल रहा। खेतों में पानी फैलने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल को खतरे के बाद यहां किसान भी परेशान हैं।
बागमती और अधवारा ने लाई मुसीबत
इधर दरभंगा जिले से बहने वाली बागमती और अधवारा समूह की नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि अब जलस्तर घटना शुरू हो गया है। दोपहर दो बजे प्राप्त सूचना के अनुसार हायाघाट में करेह नदी (बागमती समूह) का जलस्तर 45.880 मी था। वहीं, अधवारा समूह का जलस्तर एकमीघाट में 47.140 मी दर्ज किया गया। इन दोनों क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, दरभंगा एवं हथौड़ी की ओर से सतत निगरानी रखी जा रही है।
कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, दरभंगा ने बताया गया कि बीते दिन प्राप्त सूचना के आलोक में त्वरित कार्रवाई की गई है। सोरमार हाट, एकमीघाट तटबंध पर सीपेज की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसकी मरम्मत कर दी गई है। उधर, सिरनिया-फुहिया में 29-30 किमी पर स्थित स्लूईस गेट में लीकेज की सूचना मिली थी। उसका निराकरण भी ससमय करा दिया गया था।
इधर, मब्बी खिरोई तटबंध पर 7.3 किमी पर स्थित स्लूईस गेट पर तेज रिसाव हो रहा था। वहां बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कर उसे बंद किया गया है तथा पुन: सड़क पर आवागमन शुरू किया गया है।बढ़े जलस्तर वाले प्रखंडों में सुलभ संपर्कता के लिए गौड़ाबराम में पांच, घनश्यामपुर में दो, किरतपुर में चार, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 39, कुशेश्वरस्थान में दो व हायाघाट में सात नावों का परिचालन किया जा रहा है।
धौंस नदी का पानी से जलवारा चौड़ में लगे धान की फसल डूबने की कगार पर
केवटी। प्रखंड के धौंस नदी का पानी असराहा गांव और डीहटोला के बीच चौड़ में तेजी से फैल रहा है। वहां के मुखिया प्रतिनिधि खुर्शीद अहमद ने बताया की खेतो में लगे धान की फसल डूबने के कगार पर है। वहीं सगुना नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। बागमती अधवारा का जलस्तर यथावत बना हुआ है।
कुशेश्वरस्थान पूर्वी में भी परेशानी
इस प्रखंड क्षेत्र में कोशी और कमला बलान नदी के जलस्तर में धीरे धीरे हो रही कमी के वाबजूद लोगों की आवागमन की समस्या बरकरार है। बाढ़ प्रभावित ईटहर, उसड़ी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर एवं सुघराईन पंचायत के लगभग दो दर्जन गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित है। इन पंचायतों में सबसे अधिक ईटहर पंचायत के गांव बिशेष रुप से प्रभावित है।
गांव की सड़कों और पगडंडियों में बाढ़ का पानी रहने से उन लोगों को एक गांव से दूसरे गांव जाने आने में नाव ही एक मात्र साधन है। मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांवों में लगभग तीन दर्जन से अधिक नाव सरकारी स्तर पर लोगों की आवागमन की सुविधा को लेकर चलायी जा रही है। सीओ गोपाल पासवान ने बताया कि जलस्तर में धिरे धिरे कमी हो रही है। क्षेत्र में कुल 39 स्थानों पर आवागमन के लिए नाव चलवायी जा रही है।





