बिहार के पहले पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का रास्ता साफ, वैशाली और समस्तीपुर समेत कई जिलों को फायदा
वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जिला इससे प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ जाएगा। पटना रिंग रोड से जुड़ाव होने के कारण पटना और पूर्णिया छोर पर किशनगंज को भी इससे लाभ होगा। एक्सप्रेस-वे का निर्माण तीन पैकेज में होगा।

बिहार के पहले एक्सप्रेस-वे पटना-पूर्णिया (एनई-9) के बनने का रास्ता साफ हो गया। केंद्र सरकार ने इस परियोजना की वित्तीय मंजूरी दे दी है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता वाली पीपीपीएसी (लोक निजी भागीदारी अनुशंसा समिति) ने इस परियोजना को हैम मोड में बनाने की हरी झंडी दी है। हैम मोड में सरकार 40 फीसदी जबकि निर्माण एजेंसी को 60 फीसदी राशि खर्च करनी होती है। एजेंसी टोल के माध्यम से अपनी लागत की वसूली करेगी। इस परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए अब केंद्रीय कैबिनेट को भेज दिया गया है।
देश में यह पहला चार लेन एक्सप्रेस-वे के साथ ही बिहार का पहला ऐसा एक्सप्रेस-वे होगा जो पूरी तरह राज्य की सीमाओं के भीतर ही होगा। एनएच-22 के मीरनगर अरेजी (हाजीपुर) से शुरू होकर नरहरपुर, हरलोचनपुर, बाजिदपुर, सरौंजा, रसना, परोरा और फतेहपुर से गुजरते हुए पूर्णिया जिले के हंसदाह में एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) से यह जुड़ जाएगा। वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जिला इससे प्रत्यक्ष तौर पर जुड़ जाएगा। पटना रिंग रोड से जुड़ाव होने के कारण पटना और पूर्णिया छोर पर किशनगंज को भी इससे लाभ होगा। एक्सप्रेस-वे का निर्माण तीन पैकेज में होगा।
पहला पैकेज मीरनजर अरेजी से भिरहा 84.500 किमी का होगा, जिस पर 10083.96 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरा पैकेज भिरहा से सरौंजा के बीच होगा। 51.835 किलोमीटर लंबे इस पैकेज पर 8564.82 करोड़ खर्च होंगे। इसी पैकेज में कुशेश्वरस्थान से सिमरी बख्तियारपुर के बीच कोसी नदी पर 7.020 किमी छह लेन पुल बनेगा। तीसरा पैकेज सरौंजा से हंसदाह का होगा। 108.625 किमी लंबे इस पैकेज में 13338.32 करोड़ रुपए खर्च होंगे। परियोजना में 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, 11 रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास का निर्माण होगा।


