बिहार फायर डिपार्टमेंट हुआ हाई-टेक, 52 मीटर तक आग बुझाने वाली गाड़ियां हुई शामिल; थर्मल इमेजर से रेस्क्यू होगा आसान

हिन्दुस्तान, पटना, हिंदुस्तान ब्यूरो
Follow us on Google News
share

Bihar Fire Department: बिहार फायर डिपार्टमेंट ने 80 नए वाहन, 52 मीटर ऊंची लैडर और थर्मल इमेजर खरीदे हैं। इससे गगनचुंबी इमारतों की आग बुझाने और मलबे में दबे लोगों को खोजना आसान होगा।

बिहार फायर डिपार्टमेंट हुआ हाई-टेक, 52 मीटर तक आग बुझाने वाली गाड़ियां हुई शामिल

Bihar Fire Department: बिहार में अब गगनचुंबी इमारतों की आग और भूकंप जैसी भीषण प्राकृतिक आपदाओं से निपटना काफी आसान हो जाएगा। राज्य के फायर डिपार्टमेंट ने खुद को पूरी तरह से हाई-टेक और आधुनिक बना लिया है। विभाग के बेड़े में अब 'थर्मल इमेजर' जैसे अत्याधुनिक उपकरण और 52 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म शामिल किए गए हैं। इन नई तकनीकों की मदद से न केवल बहुमंजिला इमारतों की आग बुझाने में मदद मिलेगी, बल्कि मलबे में दबे पीड़ितों को ढूंढकर सुरक्षित बाहर निकालना भी अब बेहद आसान हो जाएगा।

52 मीटर ऊंची लैडर और हवा में 360 डिग्री रोटेशन

राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए विभाग ने नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदे हैं। इनमें से 10 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर विशेष 'टर्न टेबल एरियल लैडर' लगाई गई है। इस अत्याधुनिक लैडर की खासियत यह है कि यह 52 मीटर की ऊंचाई तक आसानी से पहुंच सकती है और हवा में ही 360 डिग्री तक घूमने में सक्षम है। इससे आसमान छूती इमारतों में फंसी जानों को रेस्क्यू कर सुरक्षित नीचे लाना और आग पर काबू पाना बहुत आसान हो जाएगा।

80 नए वाहन हुए शामिल

विभाग ने अपने बेड़े में कुल 80 नए वाहन शामिल किए हैं, जिनका हाल ही में लोकार्पण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इनमें 44 अग्निशमन वाहन और जिला पदाधिकारियों के लिए 36 स्कॉर्पियो शामिल हैं। इसके अलावा 12 हजार लीटर क्षमता के 10 वाटर टैंकर और 2500 लीटर वाले 20 छोटे फोम टेंडर भी खरीदे गए हैं। बेड़े में शामिल दो 'रेस्क्यू टेंडर' वाहनों में हाइड्रोलिक कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और खतरनाक गैसों से बचाव के लिए 'हैजमैट सूट' जैसे अहम जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हैं।

AI कंट्रोल रूम करेगा खतरों की सटीक भविष्यवाणी

फायर डिपार्टमेंट अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। विभाग में एक नया 'एआई आधारित कंट्रोल रूम' शुरू किया गया है। यह स्मार्ट सिस्टम मौसम विभाग की भविष्यवाणियों और पिछले डेटा का गहराई से विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर पहले ही सटीक आकलन हो जाएगा कि किन इलाकों में आग लगने का खतरा ज्यादा है, ताकि समय रहते दमकल वाहनों की तैनाती की जा सके।

Jayendra Pandey

लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। वर्तमान में वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 'हिन्दुस्तान' की बिहार टीम के लिए राजनीति, क्राइम और जनसरोकार से जुड़ी बड़ी खबरों को बेहद आक्रामकता और गहराई के साथ कवर कर रहे हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।