
बिहार चुनाव: टिकट और सीटों के बंटवारे के साथ सुलगने लगी बगावत की आग; NDA, MGB दोनों ओर तपिश
गोपालगंज में बगावत की आग एनडीए और महागठबंधन दोनों ओर लगी है। पुराने नेताओं ने टिकट कटने पर निर्दलीय उतरने का ऐलान भी कर दिया है।
Bihar Chunav: बिहार विधानसभा चुना को लेकर गोपालंज जिले की छह विधानसभा सीटों पर सरगर्मी चरम पर है। एनडीए ने सभी छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, जबकि महागठबंधन में अब भी कुचायकोट सीट को लेकर पेच फंसा हुआ है। बुधवार शाम तक इन दोनों सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं हो सकी थी। टिकट और सीटों के बंटवारे के साथ बगावत और अदावत की आग दोनों गठबंधनों में सुलगने लगी है।

भाजपा ने इस बार बरौली के विधायक राम प्रवेश राय और गोपालगंज की विधायक कुसुम देवी का टिकट काट दिया है। पार्टी की परंपरागत बरौली सीट इस बार जदयू के खाते में चली गई है, जहां से बैकुंठपुर के पूर्व विधायक मंजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं गोपालगंज सीट से भाजपा ने जिला परिषद अध्यक्ष सुभाष सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। वे पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेंगे। टिकट वितरण के बाद भाजपा में बगावत के स्वर तेज हो गए हैं।
राम प्रवेश राय ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है और गुरुवार को नामांकन दाखिल करने की बात कही है। इसी तरह, कुसुम देवी ने अपने पुत्र अनिकेत सिंह उर्फ गोलू को बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान किया है। भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता अनूप श्रीवास्तव ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर टिकट न मिलने पर पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
बगावत की यह आग महागठबंधन तक भी पहुंच गई है। राजद के पूर्व विधायक और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष रेयाजुल हक राजू ने कहा है कि वे बरौली सीट से हर हाल में चुनाव लड़ेंगे, चाहे उन्हें पार्टी सिंबल मिले या नहीं। इस सीट से राजद जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह को टिकट मिल है। उधर, महागठबंधन में गोपालगंज से कांग्रेस ने पार्टी के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गर्ग को उम्मीदवार बनाया है।इसके बाद राजद के एक नेता चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। पटना से मिल रही जानकारी के अनुसार, कुचायकोट सीट पर गुरुवार सुबह तक तस्वीर साफ होने की संभावना है।
(रिपोर्ट- मनीष कुमार भारतीय)



