
बिहार चुनाव में टिकट कटा फिर भी बागी नहीं हुए ये विधायक, राजद और भाजपा में लिस्ट लंबी
बिहार विधासनभा चुनाव में टिकट कटने के बावजूद कई विधायकों ने बगावत का रास्ता नहीं अपनाते हुए अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा जाहिर की है। कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार में राजद और भाजपा के ऐसे कई विधायक हैं।
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर पिछले एक माह से भारी राजनीतिक उठापटक के बीच कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के करीब आधा दर्जन निवर्तमान विधायकों ने बागी बनने की राह त्याग दी है। इन विधायकों का टिकट कट गया है, फिर भी पार्टी के आम कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। लोग कहते हैं, ये निवर्तमान विधायक सिद्ध कर रहे हैं कि निष्ठा पद से बड़ी होती है। ऐसे निष्ठावान नेता अब लोगों के लिए भी नजीर पेश कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में ऐसे विधायकों की लिस्ट लंबी है।

भागलपुर में नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के राजद के निवर्तमान विधायक अली अशरफ सिद्दीकी को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया। लेकिन फिर भी वे पार्टी में बने हुए हैं। इसी तरह बांका के धोरैया विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक भूदेव चौधरी को टिकट नहीं मिला। फिर भी वे पार्टी के साथ खड़े है।
पुलिस की नौकरी से अवकाश प्राप्त करने के बाद पहली बार अररिया जिला के नरपतगंज से भाजपा के टिकट पर विधायक बने जयप्रकाश यादव भी इस बार मैदान में नहीं है। पार्टी ने उम्र का हवाला देकर इनका टिकट काट लिया। फिर भी वे पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। सुपौल जिला के त्रिवेणीगंज से भाजपा विधायक बीना देवी का भी पार्टी ने इस बार टिकट काट लिया। बीना देवी पार्टी के निर्णय का स्वागत कर संगठन के लिए काम कर रही है।
पूर्णिया के बायसी से राजद विधायक रुकनुद्दीन को टिकट नहीं मिला। फिर भी वे पार्टी के पक्ष में सभा आदि में देखे जा रहे हैं। इसी तरह धमदाहा से विधायक रहे दिलीप कुमार यादव को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया। वे राजद जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी का काम कर रहे हैं।
(भागलपुर से हिन्दुस्तान के कार्यालय संवाददाता की रिपोर्ट)





