बिहार चुनाव में बागी बिगाड़ेंगे भाजपा-जदयू का गणित, राजद भी में भी बढ़ी बेचैनी
संक्षेप: राजद ने 27 बागियों को दल से निष्कासित किया है। इसमें एक विधायक छोटे लाल राय जदयू के टिकट पर परसा से चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि तीन नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। विधायक मो. कामरान गोविंदपुर से निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं।
बिहार में पारी और बारी की बेचैनी से इस बार बगावत की आंधी ने सियासी दलों, खासकर चार दर्जन सीटों पर अधिकृत उम्मीदवारों की नींद हराम कर दी है। बागियों को मनाने का दौर जारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने कई नाराज नेताओं को मना कर पार्टी के मोर्चे पर खड़ा भी कर दिया। बावजूद भाजपा को भी कई सीटों पर बागियों से जूझना पड़ रहा है। जदयू, राजद, कांग्रेस और हम के भी अनेक बागी अखाड़े में इन पार्टियों के अधिकृत उम्मीदवारों को ललकार रहे हैं। संबंधित पार्टियां इन्हें मनाने में नाकाम होने पर निष्कासन का डंडा भी चला रही है। लेकिन, कितने बागी अपने दल का गणित बिगाड़ पाएंगे, यह कहना जल्दीबाजी होगी।

बिहार में बागियों से दल परेशान हैं। विस चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर सभी प्रमुख दलों के तपे-तपाए नेता अपने बल पर (निर्दलीय) चुनावी मैदान में कूद गए हैं। इनमें से कुछ ऐसे नेता हैं जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। वे लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे हैं। कुछ तो अपने ही दल (हाल तक) के उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। परिणाम कुछ भी हो सकता है।
दल से बगावत कर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे पहलवान किसी के लिए घातक तो विरोधियों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। मान-मनौव्वल के बाद भाजपा के कुछेक नेताओं ने नामांकन वापस ले लिया पर बाकी दल के लड़ाके अभी भी चुनावी अखाड़े में डटे हुए हैं। ऐसे नेताओं को छह साल तक के लिए निष्कासित किया गया है। चेतावनी भी दी गई है बैनर का इस्तेमाल किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय जनता दल में कई बागी निर्दलीय लड़ रहे चुनाव
राजद ने 27 बागियों को दल से निष्कासित किया है। इसमें एक विधायक छोटे लाल राय जदयू के टिकट पर परसा से चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि तीन नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। विधायक मो. कामरान गोविंदपुर से निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं। वहीं महिला राजद की प्रदेश अध्यक्ष रितू जायसवाल परिहार से, सरोज यादव बड़हरा से, राजीव रंजन उर्फ पिंकु भइया जगदीशपुर से, अनिल यादव नरपतगंज से, अक्षय लाल यादव चिरैया से, रामसखा महतो चेरिया बरियारपुर से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं भगत यादव शेरघाटी से, मुकेश यादव संदेश से, संजय राय महनार से, कुमार गौरव और राजीव कुशवाहा दरभंगा से, महेश प्रसाद गुप्ता जाले से, पूनम देवी गुप्ता मोतिहारी से, सुरेन्द्र प्रसाद यादव सोनपुर से निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं। डॉ. राम प्रकाश महतो कटिहार से, प्रणव प्रकाश मधेपुरा से, अफजल अली गौड़ाबौराम से चुनाव लड़ रहे हैं।
● चार दर्जन सीटों पर अधिकृत उम्मीदवारों की नींद हराम की
● इनमें से कुछ की क्षेत्र में अच्छी पकड़ और वे लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे
हम के छह बागी ताल ठोक रहे हैं निर्दलीय
हम ने दल और एनडीए प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे 11 नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है। इन नेताओं में छह नेता बतौर निर्दलीय प्रत्याशी बनकर चुनावी मैदान में हैं। इसमें राजेश रंजन घोसी से, रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा जहानाबाद से, नंदलाल मांझी बोधगया से, चंदन ठाकुर समस्तीपुर से, बीके सिंह मैरवा से और राजेन्द्र यादव कस्बा से निर्दलीय चुनावी मैदान में डटे हैं। लोजपा आर के रविशंकर प्रसाद अशोक सूर्यगढ़ा से निर्दलीय चुनावी मैदान में हैं।





