बिहार में पहले चरण में 2020 से 31 लाख अधिक वोटिंग, SIR के बाद घटे थे 48 लाख मतदाता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 121 सीटों पर 2020 के मुकाबले 31 लाख ज्यादा वोट पड़े। इस साल चुनाव से ठीक पहले हुए एसआईआर में 41 लाख मतदाताओं के नाम घट गए थे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की 121 सीटों पर गुरुवार को रिकॉर्ज मतदान हुआ। पिछली बार यानी 2020 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार 31 लाखअधिक वोट पड़े। पहले चरण वाली 121 सीटों पर 2020 के चुनाव में 56.15 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह कुल करीब 2, 08, 76, 953 वोट होते हैं। इन सीटों पर 2025 के चुनाव में 65 फीसदी वोट पड़े। जो कुल 2,40,58,811 वोट हैं। इस प्रकार, 2020 की तुलना में 2025 में इन सीटों पर 31 लाख 81 हजार 858 अधिक वोट गिरे। यह बढ़ोतरी करीब 8.85 प्रतिशत की है।

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा कि मतदाता जागरूकता, मतदाता सूची की सफाई और महिला, युवा एवं बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह वोट प्रतिशत बढ़ाने में सहायक हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई की दूसरे चरण के मतदान में भी मतदाताओं का उत्साह बढ़-चढ़ कर रहेगा।
SIR के बाद घट गए थे 48 लाख मतदाता
वहीं, बिहार में चुनाव से पहले हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पूर्व मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ थी। पुनरीक्षण कार्य के बाद कुल 65 लाख मतदाताओं के नाम कटे थे। इसके बाद मतदाता सूची के प्रारूप में कुल 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार बताए गए। दावा आपत्ति के बाद 3 लाख 66 हजार 742 मतदाता हटाए गए।
इसके बाद 7,20,33, 258 मतदाता शेष रह गए, जबकि दावा-आपत्ति के बाद ही 21,53, 343 योग्य मतदाता और जोड़े गए। वहीं, 30 सितंबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल 7 करोड 41 लाख 92 हजार 357 नाम थे। इस प्रकार, करीब 48 लाख मतदाताओं के नाम SIR के पहले की सूची की तुलना में कम हो।
मालूम हो कि, 2020 में तीन चरणों में सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुआ था। इस चुनाव में कुल 4,19,26,443 वोट डाले गए थे, जबकि राज्य में कुल 7,36,47,660 मतदाता थे। वहीं, 2025 में कुल मतदाताओं की संख्या 7, 43,55,976 मतदाता है। पहले चरण वाले 121 सीटों पर मतदाताओं की कुल संख्या 3,70,13,556 थी।
अपील और वोटर सुविधाओं का रहा असर
चुनाव आयोग सहित प्रधानमंत्री, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, विपक्ष के शीर्ष नेताओं द्वारा लगातार मतदान की अपील किए जाने का प्रभाव पड़ा और लोग घरों से निकले। बूथ पर मोबाइल रखने की सुविधा, 85 साल से अधिक उम्र के मतदाता एवं दिव्यांगजनों के लिए घर से मतदान की सुविधा, पहली बार रंगीन फोटोयुक्त मतदान पर्ची की सुविधा सहित अन्य कारण से भी मतदाता जागरुक हुए। पक्ष-विपक्ष की लगातार घोषणाओं के कारण भी उनके समर्थक मतदाता गोलबंद हुए और बूथों पर वोटिंग के लिए पहुंचे।





