
नीतीश ही CM या कोई खेल होगा? BJP और JDU की बराबर सीटों पर सवाल उठाने लगा विपक्ष
Bihar Election 2025: बिहार में एनडीए के सीट बंटवारे में बीजेपी और जदयू के 101-101 सीटों लड़ने को लेकर राजद और कांग्रेस चुनाव के बाद नीतीश के ही सीएम रहने पर सवाल उठा रहे हैं।
Bihar Election 2025: बिहार एनडीए के सीट बंटवारे में बीजेपी और जेडीयू के 101-101 बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर राजद और कांग्रेस चुनाव के बाद नीतीश कुमार के ही सीएम रहने पर सवाल उठाने लगे हैं। एनडीए में चिराग की लोजपा-आर को 29, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को 6-6 सीटें मिली हैं। बिहार में पहली बार होगा कि बीजेपी और जदयू एक समान सीटों पर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। विपक्ष के नेताओं का आगे नीतीश के सीएम होने पर सवाल उठाना पिछड़े और अति पिछड़े वोटरों को कन्फ्यूज करने की रणनीति का हिस्सा दिखता है। भाजपा के कई नेता कई बार कह चुके हैं कि आगे भी नीतीश के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी।

राजद सांसद मनोझ झा ने कहा है कि वो इस सीट बंटवारे को 142 और 101 की तरह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे बीजेपी प्लस 142 और जेडीयू 101 कहना चाहिए। एक तरफ बीजेपी, चिराग, मांझी और कुशवाहा हैं और दूसरी तरफ नीतीश हैं। राजद प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश के बडे़ भाई की भूमिका बहुत सलीके से उन्हीं के लोगों द्वारा नेस्तनाबूद कर दी गई है।
कांग्रेस नेता और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी सीट बंटवारे के फौरन बाद ट्वीट करके इसे 142-101 का बंटवारा बताया था। पप्पू यादव ने आरोप लगाया था कि नरेंद्र मोदी के हनुमान और बीजेपी के पिछलग्गू जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भाजपा के साथ हैं। उन्होंने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष का नाम लेकर कहा था कि संजय झा का मिशन पूरा हो गया है।
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि एनडीए के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी, जेडीयू को खत्म कर देगी। अब तक जेडीयू बड़े भाई की भूमिका में थी, लेकिन अब उसे बराबरी पर ला दिया गया है।
अब बड़े-छोटे नहीं, जुड़वा हैं: केसी त्यागी
लोकसभा चुनाव में जेडीयू 16 जबकि बीजेपी 17 सीटों पर लड़ी थी। चुनाव में दोनों ने 12-12 सीटें जीतीं, जबकि लोजपा-आर ने 5 और हम ने 1 सीट जीती थी। छोटा-बड़ा भाई बहस पर जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा, “अब हम बड़े और छोटे भाई नहीं, बल्कि जुड़वा हैं। हमारा चेहरा नीतीश हैं और नतीजे के बाद भी वही मुख्यमंत्री रहेंगे।”



