हर घर सरकारी नौकरी, महिलाओं को 2500, बिजली फ्री; महागठबंधन के घोषणापत्र में क्या हो सकते हैं वादे
Bihar Election 2025: महागठबंधन का घोषणापत्र छठ पूजा के बाद जारी होगा। इसमें पुलिस सुधार, बेरोजगारी पर लगाम और अतिपिछड़ों को न्याय देने की बातें प्रमुख रूप से शामिल की जा सकती हैं।
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने अपना साझा घोषणापत्र लगभग तैयार कर लिया है। इस घोषणापत्र को आज छठ पूजा के बाद सार्वजनिक किया जाएगा। घोषणापत्र में सबसे ज्यादा जोर हर परिवार में एक को सरकारी नौकरी देना होगा। वहीं महिलाओं को 2500 मासिक भत्ता और दो 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया जा सकता है। 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का ऐलान भी आज संभव है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने चुनाव के ऐलान के बाद हर घर से एक शख्श को सरकारी नौकरी का वादा पहले ही कर दिया था। अब घोषणापत्र में इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है।

बिहार से रोजगार के लिए पलायन को रोकने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य श्रम-प्रधान क्षेत्रों में बड़े निवेश का वादे किए जा सकते हैं। इसके साथ ही सामाजिक न्याय के मोर्चे पर भी घोषणापत्र में ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प पत्र’ शामिल किया जा सकता है, जिसके तहत आरक्षण बढ़ाने और अतिपिछड़ों को अधिक अधिकार देने के वादे किए जा सकते हैं।
महागठबंधन घोषणापत्र के संभावित 10 प्रमुख बिंदु
- अति पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लाया जाएगा, ठीक एससी-एसटी अत्याचार कानून की तर्ज पर।
- पंचायत और नगर निकायों में ईबीसी के लिए आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% किया जाएगा
- आरक्षण की सीमा (50%) बढ़ाने हेतु विधान मंडल द्वारा पारित कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र को भेजा जाएगा।
- नियुक्ति प्रक्रिया में 'नॉट फाउंड सूटेबल' (NFS) अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा।
- अति पिछड़ा वर्ग की सूची में अंडर- और ओवर-इंक्लूजन से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष कमेटी बनाई जाएगी।
- सभी अति पिछड़ा, एससी, एसटी और ओबीसी भूमिहीनों को शहरी क्षेत्र में 3 डिसमिल व ग्रामीण क्षेत्र में 5 डिसमिल आवासीय भूमि मिलेगी।
- निजी स्कूलों में शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा ईबीसी, एससी, एसटी और ओबीसी बच्चों के लिए निर्धारित किया जाएगा।
- 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेके व आपूर्ति कार्यों में ईबीसी, एससी, एसटी और ओबीसी के लिए 50% आरक्षण होगा।
- राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में नामांकन हेतु संविधान की धारा 15(5) के तहत आरक्षण लागू होगा।
- आरक्षण देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त प्राधिकरण बनेगा तथा जातियों की आरक्षण सूची में बदलाव केवल विधान मंडल की अनुमति से ही होगा।





