
Bihar Election 2025: बेलहर से धोरैया तक, बांका की हर विधानसभा में रोचक मोड़ पर चुनावी जंग
बांका जिले की सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी जंग रोचक मोड़ पर पहुंच गई है। अमरपुर में मामला रोचक है, तो बेलहर की कहानी अलग ही है। धोरैया और कटोरिया में भी नए चेहरों की परीक्षा हो रही है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच बांका जिले में जंग रोचक मोड़ पर पहुंच गई है। अमरपुर, धोरैया, बेलहर, बांका और कटोरिया विधानसभा सीट के चुनावी मुकाबलों पर सबकी नजर है। बांका जिले में 11 नवंबर को दूसरे चरण के तहत मतदान होगा। इससे पहले विभिन्न दलों के प्रत्याशी जोर आजमाइश में जुटे हुए हैं।

जिले के सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र धोरैया में राजद विधायक भूदेव बेटिकट हो गए हैं। महागठबंधन से त्रिभुवन दास यहां मैदान में हैं। कभी इनके पिता नरेश दास ने इस क्षेत्र की नुमाइंदगी की थी। लाल झंडा था उनका। इनको टक्कर दे रहे हैं जदयू के मनीष कुमार। भूदेव बेटिकट क्यों? धोरैया चौक पर मिले मुखिया ग्यास खान ने कहा- राजद में दुकानदारी हुई टिकट की। वैसे, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि स्थानीय मुद्दों को लेकर विधायक से लोग नाराज थे।
उदाहरण, रबीडीह में पुल नहीं बना। भिरचिनी नदी पार करनी होती है। राजेंद्र यादव ने कहा, अब जनता फैसला कर देगी। मो. शमीम और मो. इसराइल भी मौजूदा विधायक से नाखुश हैं। कहते हैं, पिछली बार एलजेपी के दीपक पासवान के कारण जदयू हारी थी। इस बार जनसुराज के सुमन पासवान बढ़िया वोट काटेंगे। जिला पार्षद सुमन की अपने क्षेत्र में अच्छी दखल है। मुखिया ग्यास खान फिर बोले, एनडीए सरकार का काम ठीक है।
कटोरिया में भाजपा को नए चेहरे से उम्मीद
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कटोरिया में भाजपा ने विधायक का टिकट काटकर नया चेहरा दिया है। पता चला कि विधायक से जनता नाराज थी। डॉ. निक्की हेम्ब्रम की जगह पूरणलाल टुडू उतारे गए हैं। युवा हैं। आरएसएस से जुड़े रहे हैं। पंचायत की राजनीति करते थे। अचानक से बड़ा मौका पार्टी ने दिया है। इनके नाम पर गठबंधन एकजुट दिख रहा है। विरोध में हैं राजद से स्वीटी सीमा हेम्ब्रम 2015 में विधायक थीं। 2020 में हार गई थीं। यहां तीसरा फैक्टर असरदार नहीं हैं। आमने-सामने की लड़ाई है।
अमरपुर सीट पर मामला रोचक
अमरपुर में मामला रोचक है। इंग्लिश मोड़ पर दो मजलिस लगी है। एक तरफ चिराग की सभा होने वाली है। लोग जुट रहे हैं। दूसरी तरफ दुकान में अंजनी कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह जैसे आम मतदाता चर्चारत हैं। अमरपुर से जदयू के जयंत राज प्रत्याशी हैं। मंत्रीजी को कांग्रेस के जितेंद्र सिंह सीधी चुनौती दे रहे हैं।
जयंत राज ने पिछले चुनाव में लोजपा से नाक में दम करने वाले मृणाल शेखर को साथ ले लिया है। भाजपाई मृणाल को अमित शाह ने बगावत करने से रोका था। धोरैया-असरगंज सडक जर्जर है। यह मुद्दा बनेगा। राजीव कुमार ने कहा- नहीं, इसे एसएच बनाने की घोषणा हो गई है। चुनाव बाद काम होगा। वैसे, भागलपुर-हंसडीहा को भी फोरलेन होना है।
अमरपुर में जनसुराज प्रत्याशी सुजाता वैद्य काफी मेहनत कर रही हैं। जिला परिषद सदस्य हैं। सुशिक्षित हैं। युवा वोटर राहुल कहते हैं, प्रशांत किशोर के बयान ध्यान खींचते हैं। चूंकि इस बार पैक्स के वोटर बंटे हैं, इसलिए कोपरेटिव चेयरमैन जितेंद्र सिंह जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। जयंत या जितेंद्र, यह फैसला जल्द हो जाएगा।
सातवीं जीत की तलाश कर रहे राम नारायण
बांका विधानसभा सीट पर भाजपा ने फिर से राम नारायण मंडल को मौका दिया है। 6 बार विधायक रह चुके मंडल सातवीं जीत तलाश रहे हैं। इनके खिलाफ सीपीआई से संजय कुमार प्रत्याशी हैं। पूर्व एमएलसी रहे हैं। भाकपा के बड़े नेता संजय कुमार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
पिछली बार मंडल के खिलाफ राजद के जावेद इकबाल अंसारी प्रत्याशी थे। अभी वह घर बैठे हैं। टिकट न मिलने की नाराजगी को इन्होंने पूरी तरह पी लिया है या नहीं, इस पर बांका बाजार में चर्चा होती है। सनोज कहते हैं, अभी तो वह कहीं नहीं दिख रहे, मगर फोन चालू रहता है।
जन सुराज से यहां कौशल सिंह उम्मीदवार हैं। पिछला चुनाव रालोसपा से लड़े थे। 9500 वोट पाए थे। बाद में भाजपा गए। इस बार जैसे ही राम नारायण मंडल उम्मीदवार घोषित हुए, नाराज कौशल स्कूल का बस्ता लेकर आ गए। सुरेश यादव ने कहा, बड़े दिनों बाद यादव कैंडिडेट मिला है। भले ही धोरैया के हैं, मगर अच्छे नेता हैं। कटते वोटों के बीच राम नारायण मंडल और संजय कुमार आमने-सामने हैं।
बेलहर की अलग है कहानी
बेलहर विधानसभा में नाराजगी की नायाब कहानी है। जदयू विधायक एवं प्रत्याशी मनोज यादव के खिलाफ जदयू सांसद के बेटे लालटेन लेकर आ गए हैं। गिरिधारी यादव कहते हैं कि उनके पुत्र चाणक्य प्रकाश का यह अपना फैसला है। सांसद की सहमति न होने की बात से लोग सहमत नहीं हैं।
खेसर बाजार में मधुकर कुमार मिले। बोले, गिरिधारी यादव यहां से दो बार विधायक रहे हैं। अपनी पुरानी जमीन पर भरोसा है, इसलिए बेटे को विधानसभा जाता देख रहे हैं। जदयू के मनोज यादव खुद झारखंड में राजद कोटे के मंत्री संजय यादव के भाई हैं। जन सुराज प्रत्याशी ब्रज किशोर पंडित जदयू से जुड़े रहे हैं। इनकी बिरादरी के 35000 वोटर हैं। इन्हें अपनी बिरादरी के पूरे साथ की उम्मीद है।
खेल निर्दलीय मिठन यादव भी करेंगे। क्षेत्र में खुद को राजद का आदमी कहते हैं। यादव वोट अपनी ओर खींचना चाहते हैं। ब्रज किशोर और मिठन ने मिलकर मनोज और चाणक्य, दोनों को नए सिरे से नीति बनाने के लिए बाध्य कर दिया है।
(भवेशचंद की रिपोर्ट)





