
मैथिली ठाकुर को टिकट नहीं मिला, बीजेपी ने बेनीपट्टी से फिर विनोद नारायण झा को लड़ाया
बीजेपी की पहली लिस्ट में मैथिली ठाकुर का नाम नहीं है। बेनीपट्टी सीट मैथली को उतारे जाने के कयास लग रहे थे। पार्टी ने मौजूदा विधायक विनोद नारायण झा को दोबारा उम्मीदवार बनाया, जिससे अटकलों पर विराम लगा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर का नाम शामिल नहीं किया गया है। बेनीपट्टी सीट से पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधायक विनोद नारायण झा पर दोबारा भरोसा जताया है।

हाल के दिनों में मैथिली ठाकुर के बीजेपी टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चा काफी तेज थी। पार्टी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से उनकी मुलाकात और तावड़े के ट्वीट ने इन अटकलों को और हवा दी थी। लेकिन मंगलवार को जारी उम्मीदवार सूची ने यह साफ कर दिया कि फिलहाल बीजेपी ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का फैसला नहीं किया है।
चर्चाओं के बीच तावड़े का ट्वीट बना सुर्खी
दरअसल, कुछ दिनों पहले विनोद तावड़े ने मैथिली ठाकुर से मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से अपने राज्य लौटना चाहती हैं। हमने उनसे आग्रह किया कि वे बिहार के विकास में अपना योगदान दें।” इस ट्वीट के बाद से राजनीतिक हलकों में यह अटकलें तेज हो गईं कि मैथिली ठाकुर को बीजेपी बेनीपट्टी से टिकट दे सकती है। लेकिन उम्मीदवार सूची में उनका नाम नहीं आने से यह संभावनाएं खत्म होती दिख रही हैं।
68 साल के विनोद नारायण झा पर फिर भरोसा
बेनीपट्टी सीट से बीजेपी ने 68 वर्षीय विनोद नारायण झा को दोबारा मौका दिया है। वे 1977 के जेपी आंदोलन से राजनीति में सक्रिय हैं और दो बार विधायक तथा एक बार विधान पार्षद रह चुके हैं। पार्टी ने उनके अनुभव और क्षेत्रीय पकड़ को देखते हुए टिकट काटने का जोखिम नहीं लिया।
कौन हैं मैथिली ठाकुर
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली मैथिली ठाकुर महज 11 साल की उम्र में जी टीवी के ‘सारेगामापा लिटिल चैंप्स’ से मशहूर हुई थीं। अब 25 साल की मैथिली भोजपुरी, मैथिली और हिंदी भजनों के साथ-साथ लोकगीतों के लिए जानी जाती हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान ब्रांड एंबेसडर भी बनाया था। इसलिए उनके राजनीति में उतरने की चर्चा को लोगों ने गंभीरता से लिया था।



