बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल विधानसभा में पेश होगा, निवेशकों को होंगे कई फायदे
बिहार में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा कदम उठााया है। इसके तहत बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल विधानसभा में पेश होगा। इस बिल में एकल खिड़की के जरिए सभी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था की गई है।
बिहार में निवेशकों को आकर्षित करने लिए नियम और प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जायेगा। जमीन से लेकर बिजली और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उद्यमियों को भटकना नहीं होगा। एकल खिड़की से सभी समस्याओं का समाधान होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में व्यवसाय सुगमता परिषद और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति गठित होगी। इसके लिए सरकार ने ‘बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026’ तैयार किया है, जिसे सोमवार से प्रारंभ बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र में पेश किया जायेगा। सोमवार को विस में विधेयक की प्रतियां वितरित की गई।
व्यवसाय सुगमता परिषद में उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ग्रामीण विकास, राजस्व एवं भूमि विकास, वित्त, श्रम, सूचना प्रौद्योगिकी, वाणिज्यिक कर, ऊर्जा, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन, विधि और पंचायती राज विभाग के मंत्री सदस्य होंगे। मुख्य सचिव, विकास आयुक्त और इससे संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव के साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष भी इसके सदस्य होंगे। उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव इस परिषद में सदस्य सचिव होंगे। परिषद निवेश को बढ़ावा देने, व्यवसाय नियामक पर्यावरण में सुधार को कदम उठाएगी।
भूमि के व्यावसायिक उपयोग पर कन्वर्जन की जरूरत नहीं
राज्य में खेती की जमीन का उपयोग व्यावसायिक कार्य में उपयोग करने के लिए उसमें बदलाव की आवश्यकता नहीं होगी। अध्यादेश के जरिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसे लागू कर रखा है। इसे कानूनी मान्यता प्रदान करने के लिए विभाग ने बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026 लाने का निर्णय लिया है। विधेयक के अनुसार विभागीय बैठकों में अधिनियम के प्रावधानों और प्रभावों के साथ ही क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कृषि भूमि के होने पर उसे बदलाव कराने में व्यवसायियों को परेशानी हो रही है।
इन विधेयकों की प्रतियां बांटी
1. भारतीय स्टांप (बिहार संशोधन) विधेयक 2026
2. बिहार जुआ (प्रतिबंध) विधेयक 2026
3. बिहार नगर विकास विधेयक 2026
4. बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक
5. बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन एवं सेवा शर्त) अधिनियम 2026 विधेयक
6. बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 आएगा।
7. बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 एवं बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026


