जिम, डायनिंग हॉल और किचेन मेस; बिहार के पुलिस लाइनों की बदलेगी सूरत; DGP का फरमान
डीजीपी विनय कुमार ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। उन्होंने राज्य की 32 पुरानी और 18 नई सहित सभी 50 पुलिस लाइनों को 14 मानकों पर परखने और उसमें मिलने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
बिहार की सभी पुलिस लाइनों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। पुराने पुलिस लाइनों में पारंपरिक बैरक, फैमिली क्वार्टर, हथियारखाना के साथ ही किचेन मेस, डायनिंग हॉल, सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, ओपन जिम आदि की भी व्यवस्था की जायेगी। डीजीपी विनय कुमार ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। उन्होंने राज्य की 32 पुरानी और 18 नई सहित सभी 50 पुलिस लाइनों को 14 मानकों पर परखने और उसमें मिलने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों आईजी, डीआईजी और एसपी को पत्र लिख कर 31 दिसंबर तक रिपोर्ट तलब की गई है। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, क्षेत्रीय पदाधिकारी पुलिस लाइन की आवश्यकता व कमियों को रेखांकित करते हुए अपनी रिपोर्ट एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार को सौंपेंगे। जिलों से रिपोर्ट आने के बाद मुख्यालय स्तर पर समेकित रिपोर्ट तैयार होगी। इसी आधार पर विस्तृत कार्ययोजना बनाकर मुख्यालय के स्तर से कमियों को दूर करने की कवायद शुरू होगी।
मुख्यालय के मुताबिक राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बनी 18 नई पुलिस लाइनों में तकरीबन निर्धारित मानक के अनुरूप सभी 14 मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं। मगर पहले की 32 पुरानी पुलिस लाइनों में सुविधाएं बढ़ाने को लेकर खासतौर से फोकस किया जा रहा है।
पटना की तरह किचेन और डायनिंग हॉल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में पटना पुलिस लाइन में बनाये गये नये रसोईघर का उद्घाटन किया। इस रसोईघर के साथ बड़ा डायनिंग हॉल (भोजन कक्ष) भी बनाया गया है। राज्य सरकार की योजना है कि सभी पुलिस लाइन में इसी तरह के समेकित रसोईघर व भोजन कक्ष बनाये जाएं। पटना पुलिस लाइन में संचालित नये रसोईघर की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को दी गयी है।
हाल ही में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रेस वार्ता में पटना पुलिस लाइन की तरह सभी जिलों की पुलिस लाइन में चार मंजिला इमारत और भोजनालय की व्यवस्था किए जाने को भविष्य की प्राथमिकता बताई थी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के नियमित प्रशिक्षण व उनकी फिटनेस को लेकर भी विभाग संवेदनशील है। इसको देखते हुए पुराने पुलिस लाइनों में उपलब्ध स्थल का आकलन करते हुए उनमें विकसित की जा सकने वाली सुविधाओं के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी गयी है।





