बिहार में कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची पर राजेश राम ही भड़के, कहा- सबकी भागीदारी नहीं, नई लिस्ट आएगी
बिहार में 53 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी होने के बाद कांग्रेस में घमासान छिड़ता हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आलाकमान द्वारा नियुक्त जिलाध्यक्षों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस लिस्ट में संशोधन कर नई सूची जारी की जाएगी।
Bihar Congress: बिहार में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद प्रदेश कांग्रेस में घमासान छिड़ गया है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने दिल्ली मुख्यालय से जारी 53 जिलाध्यक्षों की सूची में बदलाव की बात कह दी। उन्होंने पार्टी आलाकमान से इसकी शिकायत भी कर दी है। राजेश राम का कहना है कि सूची में सभी जाति एवं वर्गों की भागीदारी नहीं है, इसलिए इसमें संशोधन कराया जाएगा और नई सूची आएगी। उन्होंने इसके लिए शीर्ष नेतृत्व सहित कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के पास अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है।
कांग्रेस ने बिहार में संगठन जिलों की संख्या 40 से बढ़ाते हुए 53 कर सोमवार को सभी में जिलाध्यक्षों के नाम जारी किए थे। इसमें अति पिछड़ा वर्ग की भागीदारी बहुत कम है। इसके बाद यह कहा जाने लगा कि दिल्ली दरबार में बैठे नेताओं की इसमें चली है। बिहार विधानसभा चुनाव के समय भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित ज्यादातर वरीय कांग्रेस नेताओं ने अति पिछड़ों को हक दिलाने की बात कही थी।
हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में अति पिछड़ा वर्ग का ख्याल नहीं रखा गया। जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से मंगलवार को सवाल किया गया थो उन्होंने भी कहा कि जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी होनी चाहिए। अभी सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व नहीं है। इसलिए सूची में संशोधन कर दोबारा इसे जारी किया जाएगा।
राजेश राम ने मंगलवार शाम पटना के सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जिलाध्यक्षों की सूची में बदलाव की बात कहे जाने के बाद पार्टी की अंदरुनी राजनीति गर्मा गई है। पार्टी के अंदर नए जिलाध्यक्षों की लिस्ट को लेकर कलह होने की चर्चा सियासी गलियारों में जोरों पर है।
53 जिलाध्यक्षों में सवर्ण ज्यादा, ब्राह्मण और यादवों का दबदबा
सोमवार को जारी बिहार के 53 संगठनात्मक जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची में 24 नाम सवर्ण वर्ग से हैं। इनमें सबसे ज्यादा 10 जिलाध्यक्ष ब्राह्मण जाति से बनाए गए हैं, जबकि भूमिहार से 7, राजपूत से 5 और कायस्थ से 2 नाम हैं।
वहीं, पिछड़ा वर्ग में सबसे ज्यादा 10 यादव जाति से जिलाध्यक्ष बने हैं। कुशवाहा जाति से भी 3 नाम इसमें शामिल हैं। अल्पसंख्यकों में 7 मुस्लिम हैं और एक सिख है। जबकि दलित वर्ग से 7 जिलाध्यक्ष हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची में अति पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी नगण्य है, इसी पर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, बिहार में जाति गणना 2023 के आंकड़े के अनुसार सबसे अधिक 36 फीसदी आबादी अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) जातियों की ही है।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


