हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों की सैलरी बंद, विजय सिन्हा ने CO से गाड़ी-चाबी लौटाने को कहा
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताल पर गए अंचलाधिकारी (सीओ) और अन्य राजस्व कर्मचारियों पर सख्ती अपनाते हुए नो वर्क-नो पे लागू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने हड़तालियों से सरकारी गाड़ी और ऑफिस की चाबी भी वापस करने को कहा है।
बिहार में हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मचारियों पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सख्ती बरती है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल पर गए सभी सीओ और आरओ को सरकारी गाड़ी, कार्यालय की चाबी, डोंगल जैसे सामान वापस लेने का निर्देश दिया है। साथ ही हड़ताल करने वाले राजस्व कर्मी एवं पदाधिकारियों का वेतन बंद करने को भी कहा गया है। सोमवार को सभी जिलों को भेजे गए पत्र में हड़ताल खत्म होने तक अंचल कार्यालयों को चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है।
दरअसल, बिहार राजस्व सेवा संघ से जुड़े विभिन्न जिलों में तैनात अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इससे अंचल कार्यालयों में जमीन से संबंधित कार्य प्रभावित ना हो, इसलिए सरकार की ओर से सख्त रुख अपनाया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सोमवार को जारी निर्देश में कहा कि अंचल कार्यालयों में सप्ताह में दो बार सुनवाई हो रही है, विधान मंडल का सत्र चल रहा है और ई-मापी एवं परिमार्जन प्लस अभियान भी चालू है। ऐसी स्थिति में हड़ताल होने से जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए बीडीओ या डीसीएलआर को आरओ का प्रभार दिया जाए।इसमें यह भी कहा गया कि जो भी कर्मचारी या पदाधिकारी हड़ताल पर गए हैं, उन्हें अनुपस्थित रहने वाले दिन वेतन नहीं दिया जाएगा।
विजय सिन्हा से मिले हड़ताली, वार्ता सफल
सोमवार देर शाम को पटना में डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा से हड़ताल पर गए राजस्व संघ के सदस्यों ने मुलाकात की। इस दौरान कर्मियों ने अपनी मांगें मंत्री के सामने रखी। सिन्हा ने आश्वासन दिया कि किसी भी अधिकारी के साथ अन्याय नहीं होगा।
उन्होंने तुरंत प्रभाव से तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित करने का निर्देश दिया, जो पूरे मामले की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वार्ता के बाद डिप्टी सीएम दावा किया कि हड़ताल समाप्त हो गई है। हालांकि, राजस्व अधिकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।
क्या हैं मांगें?
दरअसल, राज्य सरकार ने अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी का पद सृजित करने का निर्णय लिया है। इससे मौजूदा सीओ और आरओ को आशंका है कि इससे उनके प्रमोशन संबंधित लाभ प्रभावित होंगे। इसी के चलते राजस्व पदाधिकारियों और कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था।





