
ये क्या हो गया नीतीश जी को? एक और वीडियो जारी कर राजद का नया निशाना; नया बवाल क्या
ये आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देने वाले समारोह का वीडियो है, जिसके दौरान ये वाकया हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि एक मुस्लिम महिला को नियुक्ति पत्र देते समय मुख्यमंत्री उससे कुछ कह रहे हैं और थोड़ी ही देर में हिजाब हटा देते हैं।
Muslim Mahila: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें एक सर्वजनिक मंच से एक मुस्लिम महिला का हिजाब हटाते दिखाया गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने भी अपने एक्स हैंडल से ये वीडियो साझा किया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर निशाना साधा है। साथ ही राजद ने कहा है कि वह अब 100 फीसदी संघी हो चुके हैं। राजद ने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा है, “यह क्या हो गया है नीतीश जी को? मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो चुके हैं?”
आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देने वाला समारोह था
दरअसल, ये आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देने वाले समारोह का वीडियो है, जिसके दौरान ये वाकया हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि एक मुस्लिम महिला (डॉक्टर) को नियुक्ति पत्र देते समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उस महिला से कुछ कह रहे हैं और थोड़ी ही देर में हिजाब हटा देते हैं। इस दौरान मंच पर मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को रोकने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मुख्यमंत्री महिला डॉक्टर का हिजाब खींच चुके थे। उस वक्त मंच पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी मौजूद थे। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
मुख्यमंत्री ने पूछा, यह क्या है?
मुख्यमंत्री के इस कदम से आयुष चिकित्सक असहज हो गई। जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए।
यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, नियुक्त किए गए डॉक्टरों में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सक शामिल हैं। इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि शेष को ऑनलाइन माध्यम से पत्र दिए गए। (भाषा इनपुट्स के साथ)

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




