मगध से अंग पहुंचा बिहार सीएम का कारवां, सम्राट चौधरी इलाके से तीसरे मुख्यमंत्री
Samrat Choudhary News: बिहार में दो दशक से राजनीति का केंद्र बने मगध से मुख्यमंत्री की कुर्सी अंग प्रदेश चली गई है। इस इलाके से सम्राट चौधरी से पहले चंद्रशेखर सिंह और भागवत झा आजाद सीएम बने हैं।
Samrat Choudhary News: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल ली है। 15 अप्रैल की सुबह जेडीयू के दो डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ शपथ लेकर सम्राट चौधरी काम में जुट गए हैं। सचिवालय में मुख्य सचिव समेत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव के साथ बैठक में सम्राट चौधरी ने फाइल अटकाने को लेकर अफसरों को पहली चेतावनी दे दी है। सम्राट चौधरी की ताजपोशी से राज्य में सरकार का सिर्फ चेहरा नहीं बदला है, बल्कि इलाकाई भाव भी बदला है। बिहार सीएम की लिस्ट मगध से अंग पहुंच गई हैं। सम्राट चौधरी अंग इलाके के मुंगेर जिले में तारापुर के हैं और वहीं से जीतकर विधायक बने हैं।
अंग इलाके में भागलपुर, मुंगेर, बांका, लखीसराय और जमुई जिले आते हैं। इन पांच जिलों में बिहार विधानसभा की 21 सीटें हैं। 2025 के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों ने 20 सीटें जीत ली थी। विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को सिर्फ जमुई जिले की चकाई सीट पर जीत मिली, जिन्होंने नीतीश कुमार की पिछली सरकार में मंत्री रहे सुमित कुमार सिंह को हराया था। नीतीश कुमार की कल ही भंग हुई सरकार में दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा मुंगेर और लखीसराय यानी अंग इलाके से ही थे। अब सम्राट चौधरी के रूप में अंग इलाके के लोगों को 37 साल बाद मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिला है।
सम्राट चौधरी से पहले अंग से कांग्रेस के अच्छे दिनों में चंद्रशेखर सिंह और भागवत झा आजाद कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री बने थे। जमुई के चंद्रशेखर सिंह 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 1985 तक कुल 1 साल 210 दिन मुख्यमंत्री रहे थे। चंद्रशेखर सिंह को इंदिरा गांधी ने खुद सीएम बनवाया था। वो बांका लोकसभा सीट से सांसद बनने से पहले झाझा विधानसभा सीट से कई बार विधायक बने थे, लेकिन सीएम बने तो एमएलसी कोटे से पद पर रहे। 1985 में राजीव गांधी ने उनको दिल्ली बुलाकर केंद्रीय मंत्री बनाया।
चंद्रशेखर सिंह के बाद भागलपुर के भागवत झा आजाद 1 साल 25 दिन सीएम बने। भागवत झा का कार्यकाल 13 फरवरी 1988 से 10 मार्च 1989 तक रहा। गोड्डा में पैदा हुए भागवत को जब सीएम बनाया गया, तब वह भागलपुर से 5वीं बार सांसद का टर्म पूरा कर रहे थे। बीच में ही बिहार भेजकर भागवत को सीएम की कुर्सी थमाई गई। बिहार में कांग्रेस का दीया बुझने की कगार पर था। पार्टी ने भागवत के बाद सत्येंद्र नारायण सिन्हा को 270 दिन और जगन्नाथ मिश्रा को तीसरी बार 94 दिन के लिए सीएम बनाकर सरकार चलाने का मौका दिया।
भागवत के पद छोड़ने के ठीक एक साल बाद 10 मार्च 1990 को सारण इलाके के लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री बने। कांग्रेस फिर बिहार में संभल नहीं पाई और इस चुनाव में 6 विधायक पर सिमट गई है। लालू के बाद सारण इलाके की ही उनकी पत्नी राबड़ी देवी और फिर मगध से नीतीश कुमार, जीतनराम मांझी और फिर नीतीश सीएम बने।


