
एक पूर्व सांसद, एक पूर्व विधायक, एक सांसद का बेटा; नीतीश की जेडीयू को तेजस्वी का ट्रिपल झटका
संक्षेप: बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, पूर्व विधायक राहुल शर्मा और सांसद के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन को अपनी पार्टी में शामिल कर नीतीश कुमार की जेडीयू को बड़ा झटका दिया।
बिहार विधानसभा चुनाव के राजनीतिक रणभूमि में तेजस्वी यादव की आरजेडी ने शुक्रवार को नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को एक के बाद एक तीन झटके दिए। पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, जेडीयू के पूर्व विधायक राहुल शर्मा और जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन आरजेडी में शामिल हो गए

संतोष कुशवाहा धमदाहा विधानसभा सीट से लेसी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, राहुल शर्मा घोसी विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी की ओर से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। यह कदम आरजेडी द्वारा भूमिहार समाज के बड़े नेताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मगध क्षेत्र में भी पैठ मजबूत करना चाह रहे तेजस्वी
मगध क्षेत्र में अपनी पैठ रखने वाले राहुल शर्मा के पिता जगदीश शर्मा 1977 से 2009 तक लगातार घोषी सीट से विधायक रहे और 2009 में सांसद बने। उनकी पत्नी शांति शर्मा उपचुनाव के जरिए विधायक बनीं, जबकि राहुल शर्मा 2010 2015 तक घोषी सीट से विधायक रहे। जगदीश शर्मा आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुराने मित्र रहे हैं, इसीलिए उनके बेटे का आरजेडी में शामिल होना राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा का विषय है।
कुशवाहा समुदाय के बड़े नेताओं को साथ ला रहे तेजस्वी
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू को लगातार झटके लग रहे हैं। पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय के बाद अब पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा भी पार्टी छोड़ छोड़ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, संतोष कुशवाहा अपनी अनदेखी से नाराज थे और अब तेजस्वी यादव की आरजेडी में शामिल होकर धमदाहा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। आरजेडी ने कुशवाहा समुदाय के बड़े नेताओं को साधने की रणनीति के तहत अजय कुशवाहा को भी पार्टी में शामिल करने की कवायद तेज कर दी है। अजय कुशवाहा को वैशाली विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
सीटों के बंटवारे पर फैसला अटका
बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी महागठबंधन और एनडीए में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन नेताओं के पाला बदलने और नए समीकरण बनते ही राजनीतिक माहौल और अधिक रोचक हो गया है। तेजस्वी यादव की आरजेडी के लिए यह जोड़ नीतीश कुमार की जेडीयू के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।





