
बिहार में पीके फ्लॉप पर असदुद्दीन ओवैसी चमक उठे, मायावती के लिए भी खुशखबरी
संक्षेप: बिहार में एक बार फिर नीतीश और मोदी की जोड़ी सुपरहिट हो गई है। एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे तक की गिनती के मुताबिक एनडीए 190 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है तो महागठबंधन 50 के नीचे सिमटती दिख रहा है।
बिहार में एक बार फिर नीतीश और मोदी की जोड़ी सुपरहिट हो गई है। एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे तक की गिनती के मुताबिक एनडीए 190 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है तो महागठबंधन 50 के नीचे सिमटती दिख रहा है। वहीं, तीसरी ताकत के रूप में पूरा जोर लगाने वाले प्रशांत किशोर का खाता खुलना भी मुश्किल दिख रहा है। दिलचस्प यह है कि बिहा चुनाव में पीके से कम चर्चित रहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम छह और मायावती की पार्टी बपसा एक सीट पर आगे चल रही है।

सीमांचल में फिर ओवैसी ने दिखाया दम
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने एक बार फिर सीमांचल में अपना दम दिखाया है। ओवैसी की पार्टी छह सीटों पर आगे चल रही है। जोकीहाट से मोहम्मद मुर्शिद आलम, बहादुर गंज से मोहम्मद तौसीफ आलम, ठाकुरगंज से गुलाम हसनैन, कोचाधामन से मोहम्मद सरवर आलम, आमौर से अख्तरुल ईमान, बायसी से गुलाम सरवर आगे चल रहे हैं।
मायावती के लिए भी खुशखबरी
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भी बिहार से खुशखबरी मिलती दिख रही है। रामगढ़ सीट पर हाथी की मस्त चाल ने भाजपा और आरजेडी को पछाड़ दिया। बसपा उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव लगातार आगे चल रही है।
पीके को सबसे बड़ा झटका
बिहार चुनाव में सबसे बड़ा झटका प्रशांत किशोर को लगता दिख रहा है। गिनती शुरू होने के बाद शुरुआती एक घंटे में पीके की पार्टी कुछ सीटों पर बढ़त बनाते हुए दिखी, लेकिन इसके बाद सभी उम्मीदवार पिछड़ गए। महीनों की मशक्कत के बाद भी पीके किसी भी सीट पर खाता खोलते नहीं दिख रहे हैं।





