
पत्नी ज्योति सिंह पर सवाल, कन्नी काट गए पवन सिंह; खेसारी के खिलाफ करेंगे प्रचार?
bihar chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह की निजी तकरार भी पब्लिक इंटरेस्ट बन चुकी है। हाल ही में पवन सिंह ने पत्नी पर पूछे गए सवाल रिएक्शन दिया है।
bihar chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का पारा चढ़ चुका है और राजनीति में भोजपुरी तड़का अपने चरम पर है। एक तरफ बीजेपी नेता गायक और एक्टर पवन सिंह हैं, तो दूसरी तरफ भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव भी चुनावी ताल ठोक रहे हैं। वहीं पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह भी काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों चेहरों की पार्टी अलग अलग है। हाल ही में पत्नी ज्योति सिंह और खेसारी लाल यादव पर पवन सिंह ने रिएक्शन दिया है।

पत्रकारों से बातचीक के दौरान पवन सिंह ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि आज का बिहार 15 साल पहले वाले बिहार से बिल्कुल बदल चुका है। उन्होंने कहा, “अब बिहारी कहलाना गर्व की बात है।” छपरा में खेसारी लाल यादव के खिलाफ चुनाव प्रचार को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया, तो पवन सिंह ने साफ कहा कि पार्टी आदेश देगी तो वह जरूर प्रचार करेंगे।
मीडिया ने जब पवन से उनकी पत्नी ज्योति सिंह के काराकाट से चुनाव लड़ने पर सवाल किया, तो वह नो कमेंट्स कहकर आगे बढ़ गए। यह पहला मौका नहीं है, जब दोनों के रिश्ते सुर्खियों में आए हों। तलाक केस, आरोप-प्रत्यारोप और अब चुनाव पूरा मामला राजनीति के रंग में रंग चुका है।
काराकाट में अलग ही मुकाबला, ज्योति सिंह बोलीं- मैं बहू हूं, जनता के भरोसे आई हूं
ज्योति सिंह इन दिनों काराकाट में ताबड़तोड़ प्रचार कर रही हैं। उन्होंने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा, “पवन जी कहते हैं कि वो यहां के बेटे हैं, तो मैं भी यहां की बहू हूं। मैं सालभर से जनता के बीच हूं और जनता के भरोसे चुनाव लड़ना चाहती थीं।” ज्योति सिंह से सवाल किए गए कि लोगों के आरोप कि वह पवन सिंह के नाम का सहारा ले रही हैं, जिन्हें ज्योति ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
नामांकन में पति का नाम नहीं जोड़ने को लेकर ज्योति ने कहा, “अगर मैं पवन जी का नाम डालती तो उनकी संपत्ति का भी खुलासा करना पड़ता। जब बात ही नहीं हो रही, तो वो कैसे संभव होता?” उन्होंने बताया कि शादी के बाद भी कागजात में पति का नाम नहीं जुड़ा, इसलिए दस्तावेजों में पिता का नाम ही दर्ज है।
नाम भी मिला, बदनामी भी: ज्योति सिंह
ज्योति ने कहा, “लोग कहते हैं कि पहचान पवन जी से मिली, तो बदनामी किस वजह से मिली? अगर नाम उनसे मिला तो बदनामी भी उन्हीं से मिली।” उनका कहना है कि वह अब विवाद पीछे छोड़कर जनता के लिए काम करना चाहती हैं।





