
20 साल में पहली बार नीतीश के पास नहीं गृह विभाग; BJP के खाते में कई बड़े विभाग, JDU को क्या मिला
ऐसा पहली बार हुआ है, जब नीतीश के हाथों से गृह विभाग का प्रभार छिन गया है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग दिया गया है, जबकि दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा को भूमि सुधार और राजस्व विभाग और खनन एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
Bihar CM Nitish Kumar Cabinet Portfolio Allocation: बिहार में 10वीं बार बनी नीतीश कुमार की सरकार में मंत्रियों के बीच आज (शुक्रवार, 21 नवंबर को) विभागों का बंटवारा कर दिया गया लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है, जब मुख्यमंत्री नीतीश के हाथों से गृह विभाग का प्रभार छिन गया है। या यौं कहें कि उन्होंने ये विभाग किसी और को दे दिया हो। अब उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग दिया गया है, जबकि दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को भूमि सुधार और राजस्व विभाग और खनन एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सम्राट चौधरी के पास पहले वित्त विभाग होता था, लेकिन इस बार वित्त विभाग उन्हें नहीं दिया गया है। इसे अदला-बदली के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा कोटे से मंत्री बने मंगल पांडेय को स्वास्थ्य और विधि विभाग दिया गया है, जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को एक और बड़ा विभाग यानी उद्योग विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। नितिन नवीन को पथ निर्माण विभाग और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि भाजपा के यादव चेहरे रामकृपाल यादव को कृषि मंत्री बनाया गया है।
जेडीयू के मंत्रियों को क्या मिला?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से विजय चौधरी को जल संसाधन और भवन निर्माण मंत्री बनाया गया है, जबकि श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास, बिजेंद्र यादव को वित्त, वाणिज्य और ऊर्जा विभाग, सुनील कुमार को शिक्षा विभाग दिया गया है। यह पहले जैसा ही है लेकिन वित्त का जिम्मा इस बार बिजेंद्र यादव को दिया गया है। इनके अलावा अशोक चौधरी को ग्रामीण कार्य, लेशी सिंह को खाद्य उपभोक्ता, मदन सहनी को समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है।
किस मंत्री को कौन सा विभाग:
सम्राट चौधरी: गृह
विजय सिन्हा: भूमि राजस्व एवं खनन
विजय चौधरी : जल संसाधन, भवन निर्माण
बिजेंद्र यादव : वित्त, वाणिज्यकर, उर्जा, योजना विकास
श्रवण कुमार : ग्रामीण विकास
मंगल पांडे : स्वास्थ्य एवं विधि
दिलीप जायसवाल : उद्योग
अशोक चौधरी: ग्रामीण कार्य
लेशी सिंह : खाद्य उपभोक्ता
मदन सहनी :समाज कल्याण
नितिन नवीन : पथ निर्माण, नगर विकास
रामकृपाल यादव : कृषि
संतोष सुमन : लघु जल संसाधन
सुनील कुमार : शिक्षा
जमा खान : अल्पसंख्यक कल्याण
संजय टाइगर : श्रम संसाधन
अरुण शंकर प्रसाद : कला-संस्कृति एवं पर्यटन
सुरेन्द्र मेहता : पशु एवं मत्स्य संसाधन
श्रीनारायण प्रसाद : आपदा प्रबंधन
रमा निषाद : पिछड़ा-अति पिछड़ा कल्याण
लखेन्द्र रोशन : एससी-एसटी कल्याण
श्रेयसी सिंह : खेल, आईटी
प्रमोद कुमार : सहकारिता, वन एवं पर्यावरण
संजय कुमार : गन्ना उद्योग
संजय सिंह: पीएचईडी
दीपक प्रकाश : पंचायती राज





