
Bihar Cabinet: कृषि विभाग में नौकरी और मुंबई में बिहार भवन, नीतीश कैबिनेट ने 41 एजेंडों पर लगाई मुहर
Bihar Cabinet: कृषि विभाग के अधीन विभिन्न कार्यालयों में स्वीकृत 293 पदों के समर्पण/प्रत्यर्पण के बाद बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-05 (पौधा संरक्षण) संवर्ग के तहत 194 पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक और 99 पौधा संरक्षण निरीक्षक पदों का सृजन किया गया। कुल 694 पदों के पुनर्गठन/सृजन को स्वीकृति मिली।
Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से जुड़े 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने करीब 53 वर्ष बाद बिहार और झारखंड के बीच लंबित सोन नदी जल बंटवारे को सुलझा लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि 1973 में हुए बाणसागर समझौते के अनुसार अविभाजित बिहार को 7.75 मिलियन एकड़ फुट जल आमंत्रित हुआ था।
वर्ष 2000 में राज्य के बंटवारे के बाद झारखंड द्वारा दोनों राज्यों के बीच चल बटवारा किए जाने की मांग उठाई जाती रही है एवं इस मुद्दे की वजह से बिहार की इंद्रपुरी जलाशय परियोजना पर समिति नहीं दी जा रही थी। बिहार द्वारा जल बंटवारे का फार्मूला तय होने के बाद भी मामले का समाधान नहीं हो रहा था। परंतु 10 जुलाई 2025 को रांची में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विचार विमर्श के बाद दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी की अभिभाजित बिहार के हिस्से के 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5.75 एकड़ फीट जल बिहार को एवं 2.00 फ़ीट एकड़ जल झारखंड को मिलेगा। बिहार एवं झारखंड के बीच संपन्न होने वाले कारण में प्रारूप पर आज मंत्रिपरिषद ने अपनी स्वीकृति दे दी।
इस निर्णय से वर्षों से लंबित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के कार्यालय का मार्ग प्रशस्त होगा एवं भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना और गया के अलावा अरवल जिले में सिंचाई सुविधा को अस्थाई तौर से प्रदान किया जा सकेगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने पटना शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के जरिए घरों में बिजली आपूर्ति की परियोजना का प्रस्ताव स्वीकृत किया है इस परियोजना पर कल 653 करोड रुपए की राशि खर्च की जाएगी। परियोजना के तहत पेसू के अंतर्गत 13 प्रमंडल में भूमिगत केबलिंग के जरिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
आधुनिक शिक्षण कौशल नवाचार तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा
नीतीश मंत्रिमंडल ने 789 माध्यमिक विद्यालय उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 14 अरब 85 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से केंद्र प्रायोजित पीएम श्री योजना अंतर्गत चयनित 789 माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा 6 से लेकर 12वीं के विद्यार्थियों में आधुनिक शिक्षण कौशल नवाचार तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा।
220 केवी डीसी संचरण लाइन के निर्माण को मंजूरी
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने बिहार स्टेट पावर ट्रान्समिशन कंपनी लिमिटेड के क्षेत्राधीन इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी), गयाजी परियोजना के लिए निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 220 केवी डीसी संचरण लाइन के निर्माण को मंजूरी दी। यह लाइन 400/220/132 केवी चंदौती (पीएमटीएल) ग्रिड-उपकेंद्र से आईएमसी, गयाजी तक बनेगी। इसके लिए 33.29 करोड़ रुपये की नई योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा संवाहक अनुज्ञप्ति (कंडक्टर लाइसेंस) के निर्गमन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को दसवीं पास के स्थान पर आठवीं पास निर्धारित करने हेतु बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
694 पदों के पुनर्गठन/सृजन को स्वीकृति
कृषि विभाग के अधीन विभिन्न कार्यालयों में स्वीकृत 293 पदों के समर्पण/प्रत्यर्पण के बाद बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा कोटि-05 (पौधा संरक्षण) संवर्ग के तहत 194 पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक और 99 पौधा संरक्षण निरीक्षक पदों का सृजन किया गया। इसके साथ ही कुल 694 पदों के पुनर्गठन/सृजन को स्वीकृति मिली। इसके अलावा विभागीय परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए वन एवं पर्यावरण मामलों के समाधान हेतु वन एवं पर्यावरण सलाहकार के एक गैर-संवर्गीय पद के तीन वर्षों के लिए अस्थायी सृजन को मंजूरी दी गई।
सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के आलोक में मत्स्य निदेशालय के अधीन कार्यालय परिचारी संवर्ग के स्वीकृत 200 पदों का कार्यालयवार चिन्हितीकरण और पुनर्गठन करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही बिहार कार्यपालिका (संशोधन) नियमावली, 2025 से संबंधित संशोधित अधिसूचना को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिपरिषद ने आनंद विवाह अधिनियम, 1909 (संशोधित 2012) के अंतर्गत बिहार में आनंद कारज रीति से संपन्न विवाह के निबंधन के लिए “बिहार आनंद कारज विवाह निबंधन नियमावली, 2025” को स्वीकृति दी।
मंत्रिपरिषद ने बिहार भवन, मुंबई के निर्माण कार्य के लिए 314.20 करोड़ रुपये (तीन सौ चौदह करोड़ बीस लाख उनसठ हजार रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की। इन फैसलों को राज्य के विकास, प्रशासनिक सुगमता और जनहित की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जन शिक्षा निदेशालय के स्तर से संचालित योजनाओं के बेहतर प्रबंधन एवं समयबद्ध कार्य निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व से सृजित पदों में से कुल आठ मरणशील पदों को समर्पित (सरेंडर) करने तथा पदनाम में आवश्यक संशोधन के साथ नौ नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।
वहीं खरीफ विपणन मौसम 2025-26 और रबी विपणन मौसम 2026-27 में अधिप्राप्ति कार्य के लिए बिहार राज्य सहकारी बैंक को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नाबार्ड एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से कुल 7000 करोड़ रुपये ऋण प्राप्त करने तथा इस ऋण के अंतर्गत जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं उनके माध्यम से अधिप्राप्ति कार्य में संलग्न सहकारी संस्थाओं को दिए जाने वाले ऋण पर राजकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
दरभंगा हवाई अड्डा के समीप लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब के निर्माण के लिए चिन्हित 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण हेतु अनुमानित 138 करोड़ 82 लाख 88 हजार रुपये की मुआवजा राशि को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय, पटना के कोर्ट मैनेजर के वेतनमान को लेवल-13 से घटाकर लेवल-9 तथा राज्य के व्यवहार न्यायालयों के कोर्ट मैनेजर के वेतनमान को संशोधित कर लेवल-8 में संपरिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई है।
बिहार राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को राज्य आकस्मिकता निधि से 30 करोड़ रुपये अग्रिम देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उच्च न्यायालय, पटना में मानदेय एवं संविदा के आधार पर चार विधि सहायक पदों के सृजन तथा पूर्व से सृजित 45 विधि लिपिक पदों का पदनाम बदलकर विधि सहायक करने की स्वीकृति दी गई है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक पूर्व स्वीकृत्यादेश में संशोधन करते हुए “कस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग टेक्नोलॉजी” के स्थान पर “कम्प्यूटर एडेड कस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग” पदनाम को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभाग के अधीन नवस्वीकृत राजकीय पॉलिटेकनिक, बगहा (पश्चिम चंपारण) के लिए कुल 45 शैक्षणिक एवं 61 गैर-शैक्षणिक पदों सहित कुल 106 पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।





