बिहार भाजपा के महामंत्रियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी; संजय सरावगी ने किसे दिया कौन सा इलाका?
Bihar BJP News: बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पांच प्रदेश महामंत्रियों को संगठन जिलों का जिम्मा सौंपा है। भीखूभाई दलसानिया की मौजूदगी में हुई बैठक में संगठन मजबूती पर चर्चा हुई।

Bihar BJP News: बिहार भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपने संगठन को और अधिक धारदार और मजबूत बनाने के लिए एक बहुत बड़ा सांगठनिक फैसला लिया है। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रविवार को इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए भाजपा के पांच नवनियुक्त प्रदेश महामंत्रियों को अलग-अलग संगठन जिलों का अहम जिम्मा सौंप दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते 29 मई को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी नई कोर टीम का गठन किया था। नई टीम की घोषणा के बाद अब सभी प्रमुख पदाधिकारियों को सीधे जमीन पर उतारने और सांगठनिक रूप से सक्रिय करने के लिए यह बड़ी जिम्मेदारी तय की गई है।
प्रदेश कार्यालय में हुई हाई-लेवल बैठक
इस बड़ी सांगठनिक घोषणा से पहले पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में नवनियुक्त प्रदेश महामंत्रियों के साथ खुद प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार, उसकी जमीनी मजबूती के साथ-साथ आने वाले दिनों में पार्टी द्वारा चलाए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और भावी योजनाओं को लेकर बहुत ही विस्तार से और व्यापक चर्चा की गई। नेतृत्व ने सभी महामंत्रियों को सीधे निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर संगठन की मजबूती के लिए तुरंत काम शुरू कर दें।
किस प्रदेश महामंत्री को मिला कौन सा संभाग और संगठन जिला?
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संगठन को मजबूत करने के लिए पांचों प्रदेश महामंत्रियों के बीच संभागों और संगठन जिलों का जिम्मा इस प्रकार बांटा है:
प्रीति शेखर: पटना, मुंगेर, बेगूसराय और नालंदा संभाग
राजेश झा राजू: भागलपुर, कोशी और सीमांचल संभाग
धनराज शर्मा: मिथिला और तिरहुत संभाग
नितिन अभिषेक: मगध और शाहाबाद संभाग
सरोज रंजन पटेल: चंपारण और सारण संभाग
कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत: सरावगी
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने साफ तौर पर कहा कि भाजपा एक विचार आधारित संगठन है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित और जमीनी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि प्रत्येक पदाधिकारी को आम कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा सीधा और निरंतर संवाद स्थापित करना होगा। संगठन को और अधिक सशक्त, एक्टिव और मजबूत बनाने की दिशा में सबको मिलकर एक टीम की तरह कार्य करना होगा। इस नए फैसले के बाद अब सभी पांचों महामंत्रियों को अपने प्रभार वाले क्षेत्रों और जिलों का दौरा कर वहां मंडल स्तर तक की कमेटियों को दुरुस्त करने का स्पष्ट टास्क दे दिया गया है।


