बिहार में BJP के पहले CM की ताजपोशी का प्लान तय, 15 अप्रैल को शपथ लेगी भगवा NDA सरकार
Bihar BJP CM: बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के चयन का रोडमैप सामने आ गया है। भाजपा के नेतृत्व में पहली एनडीए सरकार के गठन का पूरा प्लान बन गया है। कल 2 बजे जदयू, 3 बजे भाजपा और 4 बजे एनडीए की बैठक में सीएम चुना जाएगा।

Bihar BJP CM: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री को चुनने का रोडमैप फाइनल हो गया है। भाजपा के किसी नेता के नेतृत्व में बिहार में पहली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के गठन का भी प्लान तय हो गया है। एनडीए विधायक दल का नया नेता सीएम बनेगा और अपने नाम पर गठबंधन से मुहर लगने के बाद राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा या करेगी। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और मौजूदा सीएम नीतीश कुमार दोपहर 2 बजे सीएम आवास पर जेडीयू विधायक दल की बैठक करेंगे। इस बैठक में नीतीश की जगह पर पार्टी किसी नए नेता को चुनेगी, क्योंकि वो सांसद बन गए हैं। 3 बजे भाजपा दफ्तर में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी। इसमें नया नेता चुना जाता है या पुराने नेता सम्राट चौधरी को फिर से चुनकर सीएम पद पर प्रोमोट किया जाता है, इस पर सबकी नजर होगी।
दिल्ली से आ रहे भाजपा के पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे और नेता के नाम का ऐलान करेंगे। जदयू और भाजपा के विधायक दल की बैठकों के बाद शाम 4 बजे बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की मीटिंग होगी। इस बैठक में एनडीए के विधायक नीतीश की जगह लेने वाले नए नेता यानी नए मुख्यमंत्री को चुनेंगे। भाजपा विधायक दल के नेता का एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाना भी तय है। नेता के नाम के सिवा सब कुछ तय है। बिहार को नए सीएम के नाम की खबर शाम 3 बजे भाजपा दफ्तर से मिलेगी, जब वहां एमएलए की बैठक में शिवराज नाम का ऐलान करेंगे।
जदूय और भाजपा के विधायक दल की बैठकों से पहले चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास (लोजपा-आर), जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के विधायक दल की बैठकें भी हो सकती है। तीनों ही दल अपने पुराने नेता को बनाए रखेंगे, इसकी संभावना ज्यादा है। नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद जदयू के लिए एक नया नेता चुनना मजबूरी है। भाजपा को अगर विधायक दल के मौजूदा नेता सम्राट चौधरी को बदलना नहीं है तो मंगलवार की बैठक एक औपचारिकता है, जिसके जरिए नीतीश कुमार की सरकार में नंबर 2 सम्राट चौधरी को पार्टी अपने पहले मुख्यमंत्री के तौर पर चुनेगी।
शपथ ग्रहण को लेकर 15 अप्रैल की तारीख तय हो चुकी है, समय का फैसला दिल्ली से इसके लिए आ रहे भाजपा के केंद्रीय नेताओं की व्यस्तता के हिसाब से होगा। अगर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह में कोई एक या दोनों आ रहे होंगे, तो संभावना है कि कार्यक्रम सुबह में आयोजित हो। भाजपा के नेताओं के लिए पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार प्राथमिकता है, जहां वो ममता बनर्जी को सरकार से हटाने के लिए एक कड़े चुनावी मुकाबले में फंसी है।


