
Barharia Result Live: बड़हरिया में JDU के इंद्रदेव सिंह 12136 वोटों से जीते, RJD के अरुण गुप्ता की हार
Barharia Seat Result: बड़हरिया सीट पर जनता दल यूनाइटेड के इंद्रदेव सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल से अरुण कुमार गुप्ता को 12136 वोटों से हरा दिया है। जदयू के इंद्रदेव सिंह को 93600 वोट मिले तो वहीं राजद के अरुण गुप्ता को 81464 वोट मिले। यहां 27 राउंड में वोटों की गिनती पूरी हुई थी।
Barharia Seat Result: बड़हरिया विधानसभा सीट के नतीजे जनता दल यूनाइटेड के पक्ष में रहे। बड़हरिया सीट पर जदयू के इंद्रदेव सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल के अरुण कुमार गुप्ता को 12136 वोटों से हरा दिया है। जदयू के इंद्रदेव सिंह को 93600 वोट मिले तो वहीं राजद के अरुण गुप्ता को 81464 वोट मिले। यहां 27 राउंड में वोटों की गिनती पूरी हुई थी। यहां 2020 में राजद और 2015 में जदयू के कैंडिडेट ने जीत दर्ज की थी।

बड़हरिया विधानसभा सीट पर जेडीयू के इंद्रदेव सिंह को मिला जनता का आशीर्वाद, 12 हजार वोटों से विजयी
बड़हरिया सीट पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को जनता ने चुना है। यहां से इंद्रदेव सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल के अरुण कुमार गुप्ता को 12136 वोटों से मात दी है। जदयू के इंद्रदेव सिंह को 93600 वोट मिले तो वहीं राजद के अरुण गुप्ता को 81464 वोट मिले। यहां 27 राउंड में वोटों की गिनती पूरी हुई थी।
बड़हरिया विधानसभा सीट पर जेडीयू के इंद्रदेव सिंह को मिला जनता का आशीर्वाद, 12 हजार वोटों से विजयी
बड़हरिया सीट पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को जनता ने चुना है। यहां से इंद्रदेव सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल के अरुण कुमार गुप्ता को 12136 वोटों से मात दी है। जदयू के इंद्रदेव सिंह को 93600 वोयट मिले तो वहीं राजद के अरुण गुप्ता को 81464 वोट मिले। यहां 27 राउंड में वोटों की गिनती पूरी हुई थी।
15:35 PM बड़हरिया सीट पर मामूली अंतर से आगे हुई राजद, जदयू के इंद्रेदव सिंह पीछे
बड़हरिया सीट पर राजद 500 वोटों से आगे चल रही है। 18 राउंड की काउंटिंग के बाद राजद के अरुण कुमार गुप्ता जदयू के इंद्रदेव सिंह को पीछे किया हुआ है।
13:17 PM बढ़हरिया सीट पर RJD के अरुण कुमार गुप्ता आगे,जेडीयू पीछे
राष्ट्रीय जनता दल के अरुण कुमार गुप्ता आगे चल रहे हैं। 10 राउंड की काउंटिंग पूरी हो गई है। जदयू के इंद्रदेव सिंह 226 वोटों से पीछे चल रहे हैं।
10:49 AM- बड़हरिया सीट में राजद आगे, जदयू के कैंडिडेट आगे
बड़हरिया विधानसभा सीट पर जनता दल यूनाइटेड के इंद्रदेव सिंह पीछे चल रहे हैं तो वहीं राष्ट्रीय जनता दल से अरुण कुमार गुप्ता आगे चल रहे हैं। 3 राउंड की काउंटिंग के बाद जदयू के इंद्रेदव सिंह राजद के अरुण कुमार गुप्ता से मात्र 242 वोटों से पीछे चल रहे हैं।
बड़हरिया सीट के बारे में
बरहड़िया बिहार के सीवान जिले का एक मुख्य रूप से ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है। इसमें पचरुखी सामुदायिक विकास खंड (ब्लॉक) के साथ-साथ बरहड़िया ब्लॉक की 23 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कृषि यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था की मुख्य आधार बनी हुई है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जिला मुख्यालय सीवान में है,जो लगभग 15 किलोमीटर दूर है। गोपालगंज उत्तर में 40 किलोमीटर और छपरा दक्षिण-पूर्व में 50 किलोमीटर दूर है। उत्तर प्रदेश के शहर देवरिया और बलिया क्रमशः 70 किलोमीटर और 85 किलोमीटर की दूरी पर हैं। राजधानी पटना यहां से 145 किलोमीटर दूर है। हालांकि इस क्षेत्र में कोई बड़ा शहरी हिस्सा नहीं है,लेकिन हाल के वर्षों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच में धीरे-धीरे सुधार हुआ है।
बड़हरिया सीट का चुनावी इतिहास
मूल रूप से 1951 में स्थापित बरहड़िया विधानसभा क्षेत्र 1972 के विधानसभा चुनावों के बाद समाप्त हो गया था और 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद बहाल होने से पहले तीन दशकों से अधिक समय तक निष्क्रिय रहा। पहला विधानसभा चुनाव होने के कुछ ही महीनों बाद,1952 में हुए एक उपचुनाव को मिलाकर इस क्षेत्र में कुल 10 चुनावी मुकाबले हुए हैं।
अपने शुरुआती दौर में कांग्रेस पार्टी का बरहड़िया पर दबदबा था,जिसने 1951 से 1957 तक लगातार तीन बार जीत हासिल की। हालांकि,1957 की जीत इस पार्टी की जीत के सिलसिले का अंतिम पड़ाव थी। इसके बाद इस क्षेत्र ने वैकल्पिक विचारधाराओं के लिए अपनी खुली सोच दिखाई: सीपीआई (CPI) ने दो जीत हासिल कीं,जबकि प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और भारतीय जनसंघ (जो भाजपा की पूर्ववर्ती थी) ने भी एक-एक जीत दर्ज की।
2010 में बहाल होने के बाद जनता दल (यूनाइटेड)एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा,जिसने 2010 और 2015 के विधानसभा चुनावों में क्रमशः 14,583 और 21,121 वोटों के बड़े अंतर से आसानी से जीत हासिल की। हालांकि,2020 में यह सिलसिला टूट गया जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 3,559 वोटों के कम अंतर से यह सीट हासिल कर ली। एक मुख्य कारण लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) थी, जिसने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से अलग होने के बाद,जेडी(यू) को हराने की भूमिका में अपना उम्मीदवार खड़ा किया। हालांकि एलजेपी केवल 5,065 वोट ही हासिल कर सकी और उसकी जमानत ज़ब्त हो गई,लेकिन उसकी भागीदारी ही जेडी(यू) को सीट से वंचित करने के लिए काफी थी।



