
बिहार चुनाव में कैसे डूब गई कांग्रेस? स्थानीय नेताओं से लेकर आलाकमान पर भी उठे सवाल
संक्षेप: अखिलेश प्रताप सिंह चुनाव की पूर्व संध्या पर बिहार कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘हम कांग्रेस की कमियों पर आत्मचिंतन करेंगे। मैं नीतीश कुमार और एनडीए को बधाई देता हूं। ऐसी फ्रेंडली फाइट्स नहीं होनी चाहिए थीं।’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार सहयोगी दलों के लिए सदमे से कम नहीं है। यह सदमा तब और गहरा गया जब खबर आई कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा उस अहम दिन विदेश में थे। हालांकि, AICC के कुछ पदाधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से इनकार कर दिया। कांग्रेस आलाकमान ने शुक्रवार को बिहार नतीजों के बाद कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की। हालांकि, कुछ नेताओं ने चुनाव आयोग, राज्य में मतदाता सूची के SIR और वोट चोरी का दोषारोपण किया। इन मुद्दों को राहुल गांधी ने अपने अभियान के दौरान बार-बार उठाया था।

विपक्षी हलकों में कांग्रेस के चुनाव लड़ने और गठबंधन मैनेजमेंट पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसमें राहुल गांधी की ओर से एआईसीसी प्रभारी के रूप में कृष्णा अल्लावरू को चुने जाने का फैसला भी शामिल है। सवाल तो ये भी उठ रहे हैं कि क्या बिहार की हार इंडिया गठबंधन में दरारें और गहरा देगी? कांग्रेस नेतृत्व की क्षेत्रीय नेताओं के मुकाबले स्थिति को और कमजोर होगी?
कांग्रेस हाई कमांड करे आत्मचिंतन
सीनियर कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने बताया, 'कांग्रेस हाई कमांड को गंभीरता से आत्मचिंतन करना चाहिए कि बिहार में चुनाव और गठबंधन मैनेजमेंट कैसे किया गया। हमने SIR को बड़ा मुद्दा बनाया। क्या हम लोगों को इसके इर्द-गिर्द एकजुट करने में सफल हुए? मुझे लगता है कि सरकार की ओर से महिलाओं को 10 हजार रुपये देने से एनडीए को फायदा हुआ। सवाल है कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने पर ईसी ने इसे कैसे इजाजत दी?'
चुनाव से पहले पार्टी में बदलाव
अखिलेश प्रताप सिंह चुनाव की पूर्व संध्या पर बिहार कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस की कमियों पर आत्मचिंतन करेंगे। मैं नीतीश कुमार और एनडीए को बधाई देता हूं। ऐसी फ्रेंडली फाइट्स नहीं होनी चाहिए थीं। आरजेडी के संजय यादव और हमारे कृष्णा अल्लावरू बेहतर बता सकते हैं कि हम खराब प्रदर्शन क्यों कर गए।' वहीं, शशि थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि बहुत गंभीर आत्मचिंतन की जरूरत होगी। मैं सिर्फ सोचने-विचारने की बात नहीं कर रहा, बल्कि यह अध्ययन करना भी कि क्या गलत हुआ। यह समझना होगा कि रणनीतिक, संदेश या संगठनात्मक गलतियां क्या थीं।
कांग्रेस के ये 6 उम्मीदवार जीते
कांग्रेस के केवल 6 उम्मीदवार जीत हासिल कर पाए। इनमें सुरेंद्र प्रसाद, अभिषेक रंजन, मनोज विश्वास, अबिदुर रहमान, मोहम्मद कमरुल होदा और मनोहर प्रसाद सिंह शामिल हैं। वाल्मिकीनगर सीट पर कांग्रेस के सुरेंद्र प्रसाद ने जनता दल यूनाइटेड के धीरेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ रिंकू सिंह को 1,675 वोट के अंतर से हराया। प्रसाद को 1,07,730 वोट मिले। अररिया सीट पर अबिदुर रहमान ने जदयू की शगुफ़्ता अजीम को 12,741 वोट के अंतर से मात दी। रहमान को 91,529 वोट मिले। कांग्रेस के मनोहर प्रसाद सिंह ने शंभू कुमार सुमन को 15,168 वोट के अंतर से हराकर जीत दर्ज की।





