बिहार में जमीन-मकान की रजिस्ट्री से भरेगा सरकार का खजाना, 11 हजार करोड़ वसूली का बंपर टारगेट सेट
Bihar Government News: बिहार सरकार ने इस साल जमीन-मकान की रजिस्ट्री से 11 हजार करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें भागलपुर को 400 करोड़ और पूर्णिया सदर को 253 करोड़ का टारगेट मिला है।

Bihar Government News: बिहार सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूत करने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। सरकार के खजाने को भरने की इस बार सबसे बड़ी जिम्मेदारी मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के कंधों पर सौंपी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने जमीन, मकान और फ्लैट्स की रजिस्ट्री के जरिए पूरे 11 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व जुटाने का महात्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे हासिल करने के लिए राज्य भर के सभी 141 निबंधन कार्यालयों का मासिक वसूली टारगेट फिक्स कर दिया गया है।
भागलपुर का टारगेट बढ़ा
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में भागलपुर जिले को एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। भागलपुर जिले के तीनों अवर निबंधन कार्यालयों को मिलाकर कुल 400.57 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट दिया गया है। यह आंकड़ा बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में करीब 150 करोड़ रुपये अधिक है। बता दें कि निबंधन विभाग को पिछले साल 8,250 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8,403.46 करोड़ रुपये की प्राप्ति की थी। पिछले वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा राजस्व संग्रह के मामले में राजधानी पटना टॉप पर रहा था।
ग्रीनफील्ड टाउनशिप की रोक से अधिकारियों की बढ़ी टेंशन
एक तरफ जहां सरकार ने राजस्व वसूली का लक्ष्य काफी बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी तरफ बड़े शहरों के रजिस्ट्रार 'ग्रीनफील्ड टाउनशिप' को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। दरअसल, इन घोषित टाउनशिप के निर्माण को लेकर कई एकड़ जमीन के रजिस्ट्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। निबंधन पदाधिकारियों का मानना है कि इस रोक के कारण राजस्व संग्रह का एक बहुत बड़ा विकल्प उनके हाथों से निकल जाता है, जिससे मासिक और वार्षिक टारगेट को पूरा करने में भारी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों का टारगेट
निबंधन विभाग ने कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के लिए भी तगड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत पूर्णिया सदर को सबसे ज्यादा 253.21 करोड़, कटिहार को 182.47 करोड़, सहरसा को 131.77 करोड़, मधेपुरा को 101.67 करोड़ और बांका को 78.01 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य दिया गया है। विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यालय अपने मासिक राजस्व संग्रह का लक्ष्य हर हाल में पूरा करें।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें


