राशन लेने वालों के लिए बड़ी खबर, बिहार में 28 लाख लोगों के लिए सरकार ने बदला नियम; अब घर बैठे मिलेगी यह बड़ी सुविधा

हिन्दुस्तान, हिंदुस्तान ब्यूरो, पटना
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Ration Beneficiaries  In Bihar: बिहार सरकार 80 वर्ष से अधिक उम्र के राशनकार्डधारियों के घरों तक हर महीने खुद अनाज पहुंचाएगी। इससे 28 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होगा। तीन जिलों से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।

राशन लेने वालों के लिए बड़ी खबर, बिहार में 28 लाख लोगों के लिए सरकार ने बदला नियम; अब घर बैठे मिलेगी यह बड़ी सुविधा

Ration Beneficiaries In Bihar: बिहार के राशनकार्डधारियों और गरीब परिवारों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सम्राट सरकार की इस नई पहल के बाद अब सूबे के लाखों बुजुर्गों और असहाय लोगों को डीलर की दुकान पर लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर अब एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे सीधे योग्य परिवारों के दरवाजे तक सरकारी लाभ पहुंचाया जा सके। सरकार के इस बड़े कदम से राज्य के करीब 28 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए जिलों में युद्धस्तर पर सूचियां तैयार की जा रही हैं।

80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए सरकार की खास पहल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले मुख्य राशनकार्डधारियों की संख्या लगभग 6 लाख 87 हजार है। इन परिवारों में कुल मिलाकर 28 लाख उपभोक्ता शामिल हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर सरकार ने अपनी रणनीति बदली है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन राशनकार्डधारी परिवारों में कोई भी सदस्य 80 वर्ष से कम आयु का नहीं है, उनके घरों तक अब सरकार खुद हर महीने उनका तय मानक के अनुसार अनाज (गेहूं और चावल) पहुंचाएगी।

जिलों से मांगी गई सूची, तैयार हो रहा है SOP

इस महात्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग पूरी तरह एक्शन में आ गया है। विभाग के निर्देश पर बिहार के सभी जिलों से ऐसे राशनकार्डधारी परिवारों की सूची मांगी गई है, जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इन बुजुर्गों को घर बैठे उनका निर्धारित कोटा बिना किसी परेशानी के कैसे मिले, इसके लिए विभाग दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है।

तीन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगी योजना

बुजुर्गों को सम्मान और राहत देने वाली इस योजना को फुलप्रूफ बनाने के लिए विभाग इसे शुरुआत में पूरे राज्य में एक साथ लागू नहीं करेगा। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले राज्य के तीन चुनिंदा जिलों में इसे 'पायलट प्रोजेक्ट' के तौर पर शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन तीन जिलों में शुरुआती नतीजे और व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद, जल्द ही इसे बिहार के सभी जिलों में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा।

Jayendra Pandey

लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। वर्तमान में वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 'हिन्दुस्तान' की बिहार टीम के लिए राजनीति, क्राइम और जनसरोकार से जुड़ी बड़ी खबरों को बेहद आक्रामकता और गहराई के साथ कवर कर रहे हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
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