MP बनने निकले पवन सिंह को धैर्य का इनाम, BJP के टिकट पर सुपरस्टार का MLC बनना तय

लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Pawan Singh MLC: भोजपुरी फिल्मों के गायक-अभिनेता पवन सिंह को भाजपा ने धैर्य का इनाम दे दिया है। विधान परिषद की 9 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव में पार्टी के 4 कैंडिडेट में पहले नंबर पर पावर स्टार पवन सिंह का नाम है।

Pawan Singh BJP MLC

Pawan Singh BJP MLC: भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार के नाम से मशहूर गायक व अभिनेता पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एमएलसी बनाने का फैसला किया है। बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के द्विवार्षिक चुनाव के लिए जारी भाजपा के 4 कैंडिडेट की लिस्ट में पहले नंबर पर पवन सिंह का नाम है। बीजेपी की लिस्ट में पवन सिंह के साथ संजय मयूख, अनिल ठाकुर और शीला प्रजापति का नाम है। संजय मयूख पहले से एमएलसी हैं, जिनको रिपीट किया गया है। अनिल ठाकुर संजय सरावगी की टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, जबकि शीला प्रजापति सम्राट चौधरी की टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुकी हैं।

बिहार विधान परिषद के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों में बीजेपी 4 सीटों पर कैंडिडेट उतार रही है। द्विवार्षिक चुनाव वाली 9 सीटों में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से 3, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास (एलजेपी-आर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से 1-1 कैंडिडेट उतारे जा रहे हैं। 1 सीट पर उप-चुनाव भी है। नीतीश की सीट पर उप-चुनाव के लिए जेडीयू ने शेखपुरा वाले ललन प्रसाद को टिकट दिया है। 6 साल कार्यकाल वाली 3 सीट पर जेडीयू ने नीतीश के बेटे निशांत कुमार के अलावा मधुबनी की भारती मेहता और पश्चिम चंपारण की शिवरानी प्रजापति को कैंडिडेट बनाया है। एनडीए के 202 विधायक कुल 10 में 9 सीट जीत सकते हैं।

कभी पत्नी, कभी गर्लफ्रेंड, कभी गाना; पवन सिंह का पीछा नहीं छोड़ते हैं विवाद

2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से भाजपा का टिकट पवन सिंह ने लौटा दिया था। पवन सिंह बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ गए थे। उनके लड़ने से सीपीआई-माले के राजाराम कुशवाहा के हाथों पवन सिंह के साथ-साथ भाजपा समर्थित एनडीए के कैंडिडेट और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा चुनाव हार गए थे। उस चुनाव में एनडीए को काराकाट में राजपूत और कोइरी गोलबंदी की वजह से शाहाबाद से मगध तक भारी नुकसान हो गया था। कुछ समय ब्रेक के बाद पवन सिंह भाजपा में वापस सक्रिय हुए और कुशवाहा से सुलह के बाद पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए के लिए खूब प्रचार किया। एमएलसी बनाने को उस मेहनत और धैर्य का इनाम माना जा रहा है।

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पवन सिंह विवादों से घिरे रहने वाले नेता-अभिनेता हैं। एक विवाद पीछा छोड़ता है तो दूसरा विवाद उन्हें घेर लेता है। आसनसोल में जब भाजपा ने टिकट दिया था तो उनके भोजपुरी गाने में अश्लीलता को लेकर विवाद खड़ा हो गया। काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़े तो तलाक का केस लड़ रहीं पत्नी ज्योति सिंह ने भी वापस आकर साथ दिया। फिर इस विधानसभा चुनाव में ज्योति सिंह खुद निर्दलीय लड़ने काराकाट असेंबली सीट से उतर गईं। ज्योति तीसरे नंबर पर रहीं और उनके लड़ने की वजह से जेडीयू के महाबली सिंह कुशवाहा हार गए। यह सीट भी सीपीआई-माले के अरुण सिंह कुशवाहा ने जीत ली।

पवन सिंह की पत्नी ज्योति ने मांगी 10 करोड़ की एलिमनी, बोलीं- शादी के नाम से ही डर लगने लगा है

ज्योति सिंह ने पिछले महीने पवन सिंह से तलाक केस में 10-12 करोड़ रुपये की मांग रखी है। दोनों के बीच सुलह की कोई गुंजाइश अब नजर नहीं आ रही है। ज्योति पवन की दूसरी पत्नी हैं। पवन की पहली शादी अपने बड़े भाई की साली नीलम सिंह से 2014 में हुई थी। नीलम ने शादी के कुछ समय बाद ही सुसाइड कर लिया था।

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पवन की दूसरी शादी ज्योति से हुई, लेकिन इस दौरान अक्षरा सिंह से रिलेशनशिप को लेकर भी काफी विवाद हुआ। अक्षरा सिंह और पवन सिंह ने तो गाने बनाकर एक-दूसरे पर वार-पलटवार किया है। कुछ समय पहले पवन सिंह के बर्थडे पर एक भोजपुरी अभिनेत्री महिमा सिंह के साथ उनकी नजदीकी दिखने पर तीसरी शादी की चर्चा शुरू हो गई थी।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

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रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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