भरत तिवारी के मोबाइल से खुलेगा एनकाउंटर का सच? पुलिस ने आम लोगों से मांगा वीडियो; 3 बंदूकों की भी FSL जांच
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिस जहां भरत के मोबाइल की जांच में जुटी है तो वहीं पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उनके पास कोई वीडियो हो तो वो उसे पुलिस को दें। इस मामले में तीन हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी शुरू हुई है।

भोजपुर जिले के शाहपुर में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की जांच चल रही है। इस बीच पुलिस अब भरत तिवारी के मोबाइल से एनकाउंटर का सच जानने में जुट गई है। यहां बता दें कि एनकाउंटर के बाद पुलिस ने भरत तिवारी का मोबाइल जब्त कर लिया था। भरत के परिजन लगातार उनके मोबाइल की मांग भी कर रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी कहा है कि अगर उनके पास इस एनकाउंटर से जुड़े कोई वीडियो हो तो वो उन्हें उपलब्ध करा दें।
मोबाइल के जरिए वजह खंगाल रही टीम
भरत तिवारी तिवारी एनकाउंटर इस मामले में अब जांच टीम भरत भूषण तिवारी के मोबाइल के जरिए एनकाउंटर के पीछे का सच जानने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए भरत भूषण तिवारी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच करायी जा रही है। मोबाइल के सारा डाटा भी कोर्ट में प्रस्तुत किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एनकाउंटर के बाद पुलिस ने भरत भूषण तिवारी का मोबाइल जब्त कर लिया है। इसके बाद से ही भरत भूषण तिवारी के परिजन मोबाइल लौटाने की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि उसके मोबाइल में पुलिस प्रशासन के खिलाफ बहुत सारे साक्ष्य हैं। परिजनों को आशंका है कि पुलिस सबूत मिटा सकते हैं। इधर, पुलिस ने आम लोगों और यूट्यूबर से भी साक्ष्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। कहा गया है कि किसी भी आम जनता और यूट्यूबर या सोशल मीडिया यूजर्स के पास एनकाउंटर प्रकरण से संबंधित कोई वीडियो हो, तो पुलिस को दे सकते हैं।
थानाध्यक्ष, एसटीएफ जवान और भरत के हथियारों की होगी फॉरेंसिक जांच
इधर इस चर्चित भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में वैज्ञानिक जांच भी तेज कर दी गई है। इसके तहत एनकाउंटर में शामिल शाहपुर के निलंबित थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश मालाकार और एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की सर्विस पिस्टल सहित तीन हथियारों की फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अदालत की अनुमति के बाद तीनों पिस्टल और खोखे सहित सभी प्रदर्शों को पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच के लिए भेजे गये तीन पिस्टलों में से एक एनकाउंटर के बाद भरत भूषण तिवारी के पास से बरामद किया गया था। घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस और दो खोखे भी जब्त किये गये थे। एफएसएल जांच के दौरान पिस्टल और खोखों का मिलान भी किया जायेगा।
वहीं, जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि एनकाउंटर के दौरान भरत भूषण तिवारी को गोली मारने में किस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। बताया जा रहा है कि 17 जून की सुबह शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर कर दिया गया था। भरत भूषण तिवारी की फायरिंग में पुलिस की ओर से पांच राउंड गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक राउंड थानाध्यक्ष, जबकि एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की ओर से अपने सरकारी पिस्टल से चार राउंड फायरिंग की गयी थी। वहीं, भरत भूषण तिवारी की ओर से दस से 12 राउंड फायरिंग की गयी थी। मौके पर पहुंची एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस एवं मैगजीन लोड एक पिस्टल और दो खोखा बरामद किया था।


