भरत तिवारी एनकाउंटर: DSP राजेश शर्मा की नई पोस्टिंग पर छलका मां का दर्द, बोलीं- सरकार जख्मों पर नमक छिड़क रही
भरत तिवारी की मां ने एनकाउंटर के आरोपी पुलिस अधिकारी राजेश शर्मा की नई पोस्टिंग पर सवाल उठाए हैं। भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि ऐसा कर के सरकार ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।

भोजपुर जिले के शाहपुर के बिलौटी में कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत के मामले में नामजद आरोपित पुलिस अधिकारी जगदीशपुर के पूर्व डीएसपी राजेश शर्मा की नई पोस्टिंग की खबर सामने आने के बाद पीड़ित परिवार का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा। दरअसल सरकार ने बुधवार को कई आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला किया है। तबादले की लिस्ट में जगदीशपुर के पूर्व डीएसपी राजेश शर्मा का भी नाम है। इसके बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी ने बुधवार को ही आरोप लगाया कि बेटे की मौत के मामले में न्याय दिलाने की बजाए सरकार आरोपियों को नई जिम्मेदारी देकर परिवार के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी और अदालत से फांसी की सजा दिलाने की मांग दोहराई।
आशा देवी ने कहा कि जिस बेटे को उन्होंने अपनी आंखों के सामने खो दिया, उसके मामले में न्याय मिलने की उम्मीद थी, लेकिन आरोपित अधिकारी की नई पोस्टिंग की खबर ने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को सजा दिलाने की बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर पीड़ित परिवार की पीड़ा बढ़ा रही है। रोती-बिलखती आशा देवी ने कहा कि हमारा बेटा तो वापस नहीं आएगा, लेकिन जिन्होंने उसे हमसे छीना है, उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए। हमारी मांग है कि सभी दोषियों को गिरफ्तार कर अदालत से फांसी की सजा दिलाई जाए। जब तक ऐसा नहीं होगा, हमें न्याय नहीं मिलेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है। यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों का कानून और न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। आशा देवी ने बताया कि इंसाफ की लड़ाई ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी की तबीयत भी लगातार खराब चल रही है और पूरा परिवार मानसिक तनाव में जी रहा है। इसके बावजूद परिवार न्याय की लड़ाई से पीछे हटने वाला नहीं है। आशा देवी ने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच जल्द पूरी कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और अदालत में प्रभावी पैरवी कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि एक मां अपने बेटे को खोने का दर्द कभी नहीं भूल सकती। अब हमें किसी दिलासे की नहीं, सिर्फ इंसाफ की जरूरत है।
राजेश कुमार की तैनाती मद्य निषेध विभाग में
बता दें कि 17 जून को भरत तिवारी एनकाउंटर के वक्त जगदीशपुर के एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। एसडीपीओ को लेकर विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन अब उनकी तैनाती मद्य निषेध विभाग में कर दी गई है। राजेश कुमार पर भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद अलग-अलग धाराओं में केस भी दर्ज है।


