भरत तिवारी के परिजनों को जान से मारने की मिली धमकी, फुफेरे भाई से मारपीट; मां बोलीं- अश्लील मैसेज भेज रहे
बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद अब भरत तिवारी के परिजनों को जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में मारपीट का आरोप उन लोगों पर लगा है जो भरत के एनकाउंटर के बाद धरना प्रदर्शन में परिवार का साथ दे रहे थे। पूरे मामले में थाने में केस दर्ज करवाया गया है।

भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों को जान मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। भरत तिवारी के फुफेरे भाई अंशु कुमार चौबे के साथ मारपीट भी की गई है। घटना मंगलवार की है। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ लोगों को भरत भूषण तिवारी के फुफेर भाई के साथ मारपीट करते देखा जा रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मियों और भरत भूषण तिवारी के परिजनों की ओर से बीच-बचाव करते देखा जा रहा है। इसे लेकर शाहपुर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इसमें बिलौटी गांव निवासी सरोज त्रिपाठी, उनके भाई पंकज त्रिपाठी, उसी गांव के अमरीश कुमार तिवारी और उनके बेटे उमेश तिवारी पर धमकी देने एवं मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, मामला सामने आने के बाद जगदीशपुर एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा और शाहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह बिलौटी पहुंचे और मामले की छानबीन की। अधिकारियों ने भरत भूषण तिवारी के परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की धरपकड़ में जुट गई है।
बहरहाल, धमकी देने और मारपीट की घटना के बाद इस पूरे मामले में दिलचस्प ट्विस्ट आ गया है। बताया जा रहा है कि भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद आंदोलन में पंकज त्रिपाठी और उनके भाई सरोज त्रिपाठी ने काफी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। सड़क जाम से लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर तक प्रदर्शन में दोनों भाइयों ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में दोनों भाइयों पर धमकी देने के आरोप लगाये जाने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
मां का आरोप : सोशल मीडिया पर किया जा रहा परिजनों का चरित्र हनन
भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में बिलौटी गांव के सरोज त्रिपाठी और उनके भाई पंकज त्रिपाठी पर फोन कर जान मारने की धमकी देने, गाली-गलौज करने और सोशल मीडिया पर उनके परिजनों का चरित्र हनन करने का आरोप लगाया गया है। दोनों भाइयों पर गवाहों को धमकाने का आरोप भी लगाया गया है। आशा देवी की ओर से कहा गया है कि कुछ दिन पहले वह अपने घर के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गई थीं। 28 जुलाई को भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर का केस देख रहे उनके रिश्तेदार को कॉल कर जान मारने की धमकी दी गई उसके पहले भी धमकी दी गई थी।
सोशल मीडिया पर भी उनका, उनकी बेटी और बहु का नाम लेकर अश्लील मैसेज के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। पैसे पर बिक जाने जैस बात कही जा रही है। आशा देवी की ओर से इस पूरे प्रकरण के लिए गांव के सरोज त्रिपाठी और उनके भाई पंकज त्रिपाठी को जिम्मेदार ठहराया गया है। कहा गया है कि अगर उनके परिवार और रिश्तेदार के साथ कोई घटना होती है, तो उसके लिए सरोज त्रिपाठी एवं पंकज त्रिपाठी जिम्मेदार होंगे। इधर, त्रिपाठी बंधुओं की ओर से इन सभी आरोपों को झूठ और बेबुनियाद बताया गया है। कहा गया है कि भरत भूषण तिवारी के परिजनों द्वारा कुछ लोगों के बहकावे में आकर इस तरह के आरोप लगाये जा रहे हैं।


