भरत तिवारी एनकाउंटरः दिल्ली पहुंचा आन्दोलन, जंतर-मंतर पर धरना; न्यायिक आयोग ने SDM का बयान लिया
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले न्याय अधिकार धरना सभा आयोजित की गई। न्यायिक आयोग में जगदीशपुर के एसडीएम के अलावा चार पुलिस कर्मियों की गवाही हुई।

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले न्याय अधिकार सभा आयोजित की गई। आयोजकों के अनुसार, बिहार समेत कई राज्यों से लोग इसमें शामिल हुए। सभा में परिजनों, संत समाज और सामाजिक संगठनों ने आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इधर न्यायिक आयोग ने एसडीएम समेत चार पुलिस वालों का बयान दर्ज किया।
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि एक माह बाद भी परिवार को न्याय नहीं मिला है। सभा में आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने तथा 17 अगस्त को वाराणसी में अगली न्याय सभा आयोजित करने की घोषणा की गई। कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी के बाद दिल्ली पुलिस ने एहतियातन भीड़ को निर्धारित समय से पहले हटाया।
एसडीएम और चार पुलिस कर्मियों का बयान दर्ज
भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर कांड की न्यायिक जांच की प्रथम चरण की गवाही अंतिम दौर में पहुंच गयी है। इस मामले में शुक्रवार को जगदीशपुर के एसडीएम के अलावा चार पुलिस कर्मियों की गवाही हुई। इनमें भरत भूषण तिवारी की हत्या में आरोपित और एनकाउंटर में शामिल एसटीएफ जवान अक्षय कुमार के अलावा सिपाही मुन्ना कुमार, अभिषेक कुमार और जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ के अंगरक्षक संजय कुमार शामिल हैं। सभी ने न्यायिक आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।
एसडीपीओ राजेश शर्मा से पूछताछ
बताया जा रहा है कि गवाही के दौरान एसटीएफ जवान अक्षय कुमार सहित चारों सिपाहियों की ओर से एनकाउंटर से जुड़ी पूरी घटनाक्रम की जानकारी दी। गुरुवार से पुलिस पक्ष की गवाही शुरू हुई है, जिसके तहत अबतक नौ अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों का बयान दर्ज कराया जा चुका है। गुरुवार को पुलिस तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित चार पुलिस कर्मियों की गवाही हुई थी। हालांकि अभी छह पुलिस कर्मियों का बयान दर्ज होना है। ऐसे में माना जा रहा है कि अन्य पुलिस कर्मियों का बयान शनिवार को दर्ज किया जाएगा।
17 जून को एनकाउंटर में मरा था भरत तिवारी
बताते चलें कि न्यायिक आयोग की ओर से 17 जून को भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में गवाही के लिए एसडीएम और तत्कालीन एसडीपीओ सहित 15 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को समन जारी किया गया था। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से भरत भूषण तिवारी के मां आशा देवी, पिता काशी नाथ तिवारी और भाई-भाभी सहित नौ लोगों का बयान दर्ज किया गया है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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