बड़े अफसर से मैसेज भेजा गया, तब भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ; सम्राट सरकार पर तेजस्वी का आरोप
भरत तिवारी एनकाउंटर पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिना सीएम की अनुमति के ऐसा नहीं हो सकता, एक बड़े अधिकारी द्वारा मैसेज भेजा गया था तब जाकर एनकाउंटर हुआ।

बिहार के भोजपुर जिले में पिछले महीने हुए भरत तिवारी एनकाउंटर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आड़े हाथों लेते हुए बड़ा दावा किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने दावा किया कि एक बड़े अफसर द्वारा मैसेज भेजा गया था, तब एनकाउंटर हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि बिना मुख्यमंत्री की अनुमति से ऐसा करने की किसी हिम्मत नहीं है। गृह मंत्री भी वही (सम्राट चौधरी) ही हैं।
तेजस्वी यादव ने गुरुवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने भरत तिवारी केस में आरोपी बनाए गए तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को हटाने और उन्हें हफ्ते भर बाद नई पोस्टिंग दिए जाने पर भी तंज कसा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा डीएसपी को हटाए जाने की कार्रवाई सिर्फ दिखावटी थी। उन्होंने एक बार फिर यह भी आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता में बैठे लोगों से संरक्षण मिल रहा है।
तेजस्वी पर बरसे अशोक चौधरी
वहीं, तेजस्वी यादव के इस बयान पर सियासत गर्मा गई है। सम्राट सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे से मंत्री अशोक चौधरी ने उन पर पलटवार किया है। मंत्री ने कहा, "किसी पुलिस अधिकारी ने आरा में जाकर भरत तिवारी का एनकाउंटर किया, उसमें सम्राट चौधरी कैसे संलिप्त हैं? उन्होंने तो एक दिन पहले बयान दिया था कि वो विक्षिप्त है, उसका इलाज कराएंगे। उनकी मंशा साफ थी।"
हालांकि, अशोक चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर में पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'कौन लोग थे जो वहां गए। एसटीएफ वहां क्यों गई थी। यह पुलिस का ओवरएक्ट था। सम्राट चौधरी और एनडीए के लोगों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।" मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ मामले की जांच करा रही है। सीएम सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। ऐसे में इस मामले पर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
पुलिस एनकाउंटर में हुई थी भरत तिवारी की मौत
17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। एक दिन पहले भरत का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह थानेदार पर पिस्टल तान धमकाते हुए नजर आ रहा था। फिर भोजपुर पुलिस ने उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताते हुए कार्रवाई करने की बात कही। अगले दिन पुलिस ने भरत तिवारी को घेर लिया और फिर गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज
भरत तिवारी के परिजन ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस के सामने अपनी पिस्टल फेंककर सरेंडर कर दिया था, यह उसके द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव में भी नजर आया था। सरेंडर के बावजूद उसे गोली मार दी गई। मामले ने तूल पकड़ा तो 23 जून को शाहपुर थाने में तत्कालीन थानेदार, एसडीपीओ समेत पुलिस कर्मियों पर हत्या की धारा में केस दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच जारी है। थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि एसडीपीओ को हटा दिया गया।


