भरत तिवारी केस की आयोग से जांच, टीचर ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी; सम्राट कैबिनेट के 47 फैसले
सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को 47 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच के लिए रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर के मौत की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन कर दिया गया है। इसकी कमान हाकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। इसके अलावा, राज्य में नई शिक्षक तबादला नीति (टीचर ट्रांसफर पॉलिसी) भी आ गई है। रोहतास जिले के डेहरी में 12वां ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहर विकसित किया जाएगा। सम्राट कैबिनेट से इन एजेंडों को मंजूरी मिल गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 47 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। राज्य में विकसित की जाने वालीं सैटेलाइट टाउनशिप के लिए हुडको के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का एमओयू किया गया है। इसके अलावा, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन समेत अन्य विभागों के भी कई अहम एजेंडों को कैबिनेट से मुहर लगी है।
भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में होगी
बिहार सरकार ने भरत तिवारी केस की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। इसकी कमान पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। राज्य कैबिनेट ने इस आयोग के विचारणीय बिंदुओं पर मुहर लगा दी। बता दें कि भोजपुर जिले के शाहपुर स्थित बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में बीते 17 जून को मौत हो गई थी। परिजन ने पुलिस पर सरेंडर के बावजूद गोली मारने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मुकदमा भी हो चुका है।
नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी को कैबिनेट से मंजूरी
बिहार में नई शिक्षक तबादला नीति को सम्राट कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। अब जल्द ही शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी। शिक्षा विभाग इसकी पहले ही तैयारी कर चुका है। राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों में तैनात लगभग साढ़े 5 लाख से ज्यादा टीचर, प्रधान शिक्षक प्रधानाध्यापक आदि को ऐच्छिक ट्रांसफर का मौका मिलेगा। नई नीति में महिला टीचर को अपने गृह पंचायत के निकट और पुरुषों को गृह प्रखंड के निकट के पंचायत में पोस्टिंग की सुविधा मिलेगी।
डेहरी में बनेगी 12वीं सैटेलाइट टाउनशिप
बिहार में अब 11 नहीं बल्कि 12 ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। रोहतास जिले के डेहरी में भी सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का ऐलान हो गया है। सम्राट कैबिनेट ने बुधवार को इसकी मंजूरी दे दी। शाहाबाद क्षेत्र के लोग, संगठन और नेता इसकी मांग कर रहे थे।
ग्रीनफील्ड शहरों के लिए 1 लाख करोड़ का एमओयू
पटना, सोनपुर, मुजफ्फरपुर, गयाजी, पूर्णिया, भागलपुर समेत 12 शहरों के पास नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने हुडको के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का एमओयू करने जा रही है। राज्य कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है।
5 नए निजी विश्वविद्यालय को स्वीकृति
सम्राट कैबिनेट ने बिहार में 5 नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, नवादा के अशोक नगर में एसए विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय, औरंगाबाद में सीतयोग विश्वविद्यालय और सीवान के दरौंधा में वीवी गिरी विश्वविद्यालय खोल जाएगा।
एआई के क्षेत्र में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों से करार
बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार गूगल क्लाउड इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, सर्वम और कोरोवर कंपनियों जैसे तकनीकी संस्थानों के साथ एमओयू करने जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव को सम्राट कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
बिहार कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले-
- कृषि विकास योजना के लिए 3060 करोड़ रुपये के बजट की निकासी एवं खर्च की मंजूरी
- चौथे कृषि रोड मैप के तहत राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के लिए 36.18 करोड़ रुपये की मंजूरी
- एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के लिए 148 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी
- बिहार में राष्ट्रीय महत्व के पुरातात्विक स्थलों एवं स्मारकों का जीर्णोद्धार और रखरखाव किया जाएगा, इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली और बिहार सरकार के पुरातत्व निदेशालय के बीच एमओयू की मंत्रिमंडल से स्वीकृति दी गई है।
- लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के दूसरे चरण की अवधि को 2026-27 तक विस्तारित कर दिया गया है, कैबिनेट से 2267 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी है
- बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन की मंजूरी
- छपरा में सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए 76.48 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर
- छपरा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और भागलपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी
- थर्ड पार्टी से पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराने के लिए 47 करोड़ रुपये के खर्च की स्वीकृति
- मुंगेर जिले के तारापुर में धार्मिक पर्यटन को विकिसत करने के लिए ईशा फाउंडेशन को 1 रुपये में 99 साल के लिए 15 एकड़ जमीन दी जाएगी
- इसी तरह, पटना जिले के मोकामा में भी धार्मिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के लिए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम को 1 रुपये में लीज पर 10 एकड़ जमीन दी जाएगी।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


