बोले भागलपुर: उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी में सड़क, नाला का निर्माण हो

Feb 24, 2026 09:14 pm ISTYogendra Rai हिन्दुस्तान, भागलपुर
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उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी में जलापूर्ति, सड़क, और सफाई की गंभीर समस्याएं हैं। नगर निगम की ओर से सुविधाओं का अभाव है, जिससे स्थानीय लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें हैं, जो छात्रों और निवासियों के लिए समस्या उत्पन्न कर रही हैं।

बोले भागलपुर: उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी में सड़क, नाला का निर्माण हो

शहर के बीच में स्थित है वार्ड 14 का उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी। कॉलोनी में सुविधाओं का अभाव है। सबसे बड़ा संकट जलापूर्ति का है। नगर निगम से पानी की आपूर्ति नहीं होती है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सड़क चलने लायक नहीं है। सड़क किनारे कूड़े का ढेर जमा रहता है। नाला की हालत बदतर है। नगर निगम को टैक्स देने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। निगम में शिकायत के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होता है।

उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी में करीब सौ परिवार रहते हैं। अधिकांश परिवार नौकरी पेशा और मजदूरी से जुड़ा हुआ है। शिक्षण संस्थानों के आसपास यह मोहल्ला है। कई कोचिंग संस्थान और लॉज हैं। बड़ी संख्या में छात्र कॉलोनी में किराये के मकान में रहकर पढ़ाई करते हैं। कॉलोनी की आधी सड़क टूटी हुई है। सड़क किनारे कूड़े का ढेर लगा हुआ है। नाला जाम होने के चलते गंदा पानी सड़क पर बहता है। बुडको द्वारा पाइप तो बिछाया गया है। लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं की गयी है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि नगर निगम से बोरिंग या प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गयी है। सफाईकर्मी कॉलोनी में कभी-कभार आते हैं। तार झूलने के चलते हादसे का खतरा बना रहता है। कहीं कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है। सड़क किनारे कूड़ा फैलने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। नगर निगम को सड़क, नाला, पानी और सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए।

सुमित कुमार शर्मा ने बताया कि कॉलोनी में कूड़ा रखने की जगह नहीं है। लोग सड़क किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं। नगर निगम द्वारा नियमित कूड़ा का उठाव नहीं कराया जाता है। गंदगी के बीच लोग आवागमन करते हैं। कूड़ा के बदबू से लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है। बड़ी संख्या में छात्र कॉलोनी में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। नियमित रूप से सफाई और कूड़े का उठाव होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 25 साल पुराना नाला टूट चुका है। लोग खुद पानी निकासी की व्यवस्था करते हैं। नाला हमेशा जाम रहता है। बारिश होने पर नाला का गंदा पानी सड़क पर बहता है। कॉलोनी की सड़क का निर्माण 2004 में हुआ था। सड़क टूट चुकी है। कॉलोनी में कई जगहों पर तार नीचे झूल रहा है। तार टूटने का डर बना रहता है। कई बार बिजली विभाग को तार ठीक करने को कहा गया। कॉलोनी में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। पानी दूसरे से मांगकर या खरीदकर काम चलाना पड़ता है। नगर निगम द्वारा जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की गयी है। बुडको द्वारा पाइप बिछाकर छोड़ दिया गया है। जब तक बुडको द्वारा जलापूर्ति शुरू नहीं की जाती है,तब तक नगर निगम को बोरिंग या प्याऊ की व्यवस्था करनी चाहिए। एक बार प्याऊ बनाने की चर्चा हुई, लेकिन जगह नहीं मिलने की बात कहकर प्याऊ नहीं बनाया गया। नगर निगम को जमीन की व्यवस्था करते हुए प्याऊ बनवाना चाहिए। सरकार की योजनाओं का लाभ भी गरीब परिवारों को नहीं मिल पाता है।

सुधांशु कुमार राय ने बताया कि कई पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। अंधेरे में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। गली में पोल सड़क के बीच में रहने से आवागमन बाधित हो रहा है। रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से छिनतई की घटनाएं होती हैं। कॉलोनी में बड़ी संख्या में दूसरे शहरों से आकर छात्र रहते हैं। पुलिस को नियमित गश्त की व्यवस्था करनी चाहिए। कॉलोनी में कूड़ा रखने की जगह नहीं है। लोग इधर-उधर कूड़ा फेंकते हैं। कॉलोनी से उत्तर में वार्ड 16 का इलाका पड़ता है। वार्ड की सीमा पर कॉलोनी होने से भी विकास कार्य कम हो रहा है। बुडको द्वारा जलापूर्ति नहीं करने से पुराना पाइप टूटने लगा है। जलापूर्ति नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गरीब परिवारों को हो रही है। आंगनबाड़ी केन्द्र दूर रहने से छोटे बच्चों को जाने में परेशानी होती है। मोहल्ले में एक आंगनबाड़ी केन्द्र होना चाहिए। डोर टू डोर कचरा का उठाव नहीं होता है। डस्टबिन की व्यवस्था नहीं होने से लोग सड़क किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं।

संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉलोनी में सफाई नहीं होती है। कई बार शिकायत करने के बाद कूड़ा का उठाव होता है। कूड़ा का वीडियो बनाकर भेजना पड़ता है। वर्षों से कॉलोनी में पानी का संकट बना हुआ है। बुडको ने पाइप बिछाकर छोड़ दिया है। कई घरों में कनेक्शन भी नहीं मिला है। नगर निगम तत्काल बोरिंग या प्याऊ की व्यवस्था कर पानी संकट का समाधान करे। कॉलेज के जर्जर तार को ठीक किया जाए। नया नाला का निर्माण ढक्कन के साथ कराया जाए। ताकि बारिश होने पर गंदा पानी सड़क पर नहीं पहुंचे। टूटी सड़क की जगह नई सड़क का निर्माण कराया जाए।

कॉलोनी में नियमित रूप से कूड़ा उठाव की व्यवस्था हो

राजेश पासवान ने बताया कि कॉलोनी में नियमित रूप से कूड़ा उठाव की व्यवस्था होनी चाहिए। नाला पर ढक्कन नहीं रहने के चलते लोग कूड़ा फेंकते हैं। इसके चलते अक्सर नाला जाम हो जाता है। कॉलोनी की सड़क चलने लायक नहीं है। जबकि बड़ी संख्या में छात्र यहां रहकर पढ़ाई करते हैं। गंदगी के चलते छात्रों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। पप्पू पासवान ने बताया कि कॉलोनी के आसपास में कई शिक्षण और कोचिंग संस्थान हैं। कॉलोनी की सड़क होकर सैकड़ों छात्रों का रोज आना-जाना होता है। सड़क पर कूड़ा और निर्माण सामग्री रहने से आने-जाने में परेशानी होती है। कैलाश रविदास ने बताया कि नगर निगम को जलापूर्ति की व्यवस्था जल्द करनी चाहिए। घर के पानी निकासी के लिए लोगों द्वारा खुद व्यवस्था की गयी है। बड़ा नाला बनाकर पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। नीरज कुमार ने बताया कि नियमित कूड़ा का उठाव होना चाहिए। बार-बार शिकायत करने के बाद कूड़ा का उठाव होता है। सड़क पर कूड़ा फैला रहता है। कूड़ा के बीच से लोगों को आना-जाना पड़ता है। सड़क का निर्माण और फॉगिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।

बोले जिम्मेदार

उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी में सड़क और नाला की स्थिति अच्छी नहीं है। नगर निगम में सड़क और नाला निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कॉलोनी के लिए बड़ा कूड़ेदान उपलब्ध नहीं हो रहा है। नियमित कूड़ा उठाव की व्यवस्था की जाएगी। कॉलोनी में जमीन नहीं मिलने के चलते प्याऊ का निर्माण नहीं हो सका। बुडको को जलापूर्ति जल्द शुरू करने को कहा गया है। सभी पोल का सर्वे कर लिया गया है। स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर हुआ है। जल्द ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

-अनिल पासवान,वार्ड पार्षद, वार्ड 14, नगर निगम,भागलपुर

इनकी भी सुनिए

उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं होने से लोग घरों का कूड़ा सड़क किनारे फेंक देते हैं। सड़क किनारे से रोज कूड़ा का उठाव नहीं होता है।

-अमित कुमार

कॉलोनी में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। आज तक नगर निगम से जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की गयी है। बुडको ने पाइप बिछाकर छोड़ दिया है। लोगों को पानी दूसरे से मांगकर या खरीदकर पीना पड़ता है।

-विनोद ठाकुर

कॉलोनी की सड़क जर्जर हो चुकी है। 20 साल पहले सड़क का निर्माण हुआ था। कुछ जगहों पर सड़क की हालत बहुत खराब है। आसपास शिक्षण संस्थान होने के चलते बड़ी संख्या में छात्र कॉलोनी में रहते हैं।

-राजा कुमार

नाला की स्थिति बदतर है। नाला का निर्माण नहीं कराया गया है। पुराना नाला कई जगहों पर खुला हुआ है। ढक्कन नहीं रहने के चलते लोग कूड़ा नाला में फेंक देते हैं। इसके चलते नाला जाम हो जाता है।

-निर्मल कुमार

कॉलोनी में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए। झूल रहे तार को विभाग ठीक करे।

-श्रीकांत प्रसाद

नगर निगम पानी संकट का समाधान करे। सम्पन्न लोगों के घर में निजी बोरिंग है। लेकिन गरीब परिवारों को दूसरे से पानी मांगकर काम चलाना पड़ता है। कई बार लोग पानी देने से इंकार कर देते हैं। बुडको जलापूर्ति शुरू करे।

-विपिन चौधरी

कई पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। अंधेरे में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। गली में पोल सड़क के बीच में रहने से आवागमन बाधित हो रहा है। रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से छिनतई की घटनाएं होती हैं।

-सुधांशु कुमार राय

कॉलोनी में पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। बोरिंग से पानी सभी घरों में नहीं पहुंचता है। बुडको ने पाइप बिछाकर छोड़ दिया है। एक प्याऊ का निर्माण होना चाहिए। नाला का गंदा पानी सड़क पर बहता है।

-कैलाश रविदास

सड़क जर्जर हो चुकी है। वाहनों का आवागमन बाधित होता है। छात्रों को भी काफी परेशानी होती है। कूड़ा सड़क पर फेंकने के चलते बदबू के बीच लोगों को आना-जाना करना पड़ता है। सड़क-नाला का निर्माण होना चाहिए।

-राजेश कुमार

कॉलोनी के आसपास शिक्षण और कोचिंग संस्थान हैं। बड़ी संख्या में छात्र कॉलोनी और आसपास के मोहल्लों में रहकर पढ़ाई करते हैं। पानी संकट और गंदगी के चलते छात्रों को भी परेशानी होती है। सड़क-नाला का निर्माण होना चाहिए।

-पप्पू पासवान

कूड़ेदान नहीं रहने के चलते लोग कूड़ा सड़क किनारे फेंक रहे हैं। कूड़ा का नियमित उठाव नहीं होता है। वाहनों के चलने से कूड़ा सड़क पर फैल जाता है। लोगों को उसी के बीच से आना-जाना पड़ता है।

-किशोर ठाकुर

निगम में शिकायत के बाद कूड़े का उठाव होता है। कई बार वीडियो बनाकर भेजना पड़ता है। कॉलोनी में सफाई करने के लिए सफाईकर्मी भी नहीं आते हैं। पानी का संकट बना हुआ है। निगम प्याऊ की व्यवस्था करे।

-संतोष कुमार

कॉलोनी में सबसे बड़ा संकट पानी का है। बोरिंग और प्याऊ नहीं रहने से गरीब परिवारों को दूसरे से पानी मांगकर काम चलाना पड़ता है। कई बार लोग मांगने पर भी पानी नहीं देते हैं। सड़क किनारे लोग कूड़ा फेंक रहे हैं।

-सुमित कुमार

कॉलोनी के नाला की स्थिति जर्जर है। नाला पुराना है। सफाई नहीं होने के चलते अक्सर जाम रहता है। नाला का गंदा पानी सड़क पर बहता है। ढक्कन के साथ नाला का निर्माण कराया जाए। कूड़ा के लिए डंपिंग प्वाइंट की व्यवस्था हो।

-रमाकांत साह

कॉलोनी के पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो। ताकि छात्रों को रात में आने-जाने में परेशानी न हो। सड़क की चौड़ाई बढ़ाते हुए ढक्कन सहित नाला का निर्माण कराया जाए। सभी घरों में जलापूर्ति की व्यवस्था हो।

-ऋषभ कुमार

कचरा के नियमित उठाव की व्यवस्था हो। शिकायत करने के बाद नगर निगम द्वारा कूड़े का उठाव किया जाता है। नियमित उठाव नहीं होने से कूड़ा सड़क पर फैल जाता है। गंदगी के बीच लोगों को आना-जाना पड़ता है।

-नीरज कुमार

समस्या

1. उर्दू बाजार महात्मा गांधी कॉलोनी की सड़क जर्जर हो गयी है। चौड़ाई कम होने से वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है। 20 साल से सड़क का निर्माण नहीं हुआ है।

2. कॉलोनी में कई जगहों पर नाला बना है तो कहीं नाला में ढक्कन नहीं है। ढक्कन नहीं रहने से लोग कूड़ा नाला में फेंकते हैं। इसके चलते नाला जाम होता है।

3. कॉलोनी में नगर निगम से जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं है। बुडको द्वारा पाइप बिछाया गया है। लेकिन अभी तक जलापूर्ति शुरू नहीं की गयी है।

4. कॉलोनी में कूड़े का नियमित उठाव नहीं होता है। कूड़ेदान नहीं रहने से लोग सड़क किनारे कूड़ा फेंकते हैं। कूड़ा सड़क पर रहने से लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है।

5. कॉलोनी के अधिकांश पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात में लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। छिनतई की घटनाएं भी होती है। कॉलोनी में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।

सुझाव

1. जर्जर सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। निर्माण के साथ सड़क की चौड़ाई भी बढ़ायी जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी। वाहनों का आवागमन भी हो सकेगा।

2. कॉलोनी में सड़क किनारे नाला का निर्माण ढक्कन के साथ कराया जाए। नाला के पानी की निकासी और नियमित सफाई की व्यवस्था हो। ताकि जलजमाव से राहत मिल सके।

3. बुडको द्वारा कॉलोनी में जल्द जलापूर्ति की व्यवस्था शुरू की जाए। जब तक जलापूर्ति शुरू नहीं होती है। तब तक बोरिंग या प्याऊ की व्यवस्था की जाए।

4. कॉलोनी में जगह-जगह कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। जमा कूड़ा का नियमित उठाव की व्यवस्था हो। सड़कों की नियमित सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन मिले।

5. सभी पोल पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो। ताकि रात में आपराधिक घटनाओं पर रोक लग सके और लोग निर्भीक होकर आवागमन कर सकें।

प्रस्तुति: वीरेन्द्र कुमार, फोटोग्राफ: संजीव

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