विक्रमशिला सेतु पर करीब एक माह बाद फिर से वाहनों की आवाजाही रविवार सुबह 11 बजे से शुरू हो गई
विक्रमशिला सेतु पर 36वें दिन फिर आवागमन हुआ शुरू एक माह पहले स्लैब टूटने से

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। विक्रमशिला सेतु पर करीब एक माह बाद फिर से वाहनों की आवाजाही रविवार सुबह 11 बजे से शुरू हो गई। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों से पूर्वी बिहार का सड़क संपर्क फिर से जुड़ गया। विक्रमशिला सेतु पर 36वें दिन फिर से आवागमन शुरू होने से न सिर्फ जिला प्रशासन, बल्कि राज्य सरकार ने भी राहत की सांस ली। एक माह पहले तीन मई की मध्य रात पिलर संख्या 133 के पास सेतु का स्लैब टूटने से आवागमन बंद हो गया था। अब सिर्फ ट्रक-हाईवा और बस-ट्रैक्टर ही मालवाहक स्टीमर से आर-पार हो पाएगा। भारी वाहनों को बेली ब्रिज पर परिचालन की अनुमति नहीं मिली है। बेली ब्रिज का उद्घाटन विभागीय मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने रविवार सुबह सवा 10 बजे किया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आमलोगों से किया वादा पूरा किया। सीएम के प्रयास से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की टीम ने यहां बेली ब्रिज का सेटअप तैयार किया। भागलपुर की तरफ से रक्षा मंत्री को धन्यवाद देता हूं कि इस विकट परिस्थिति में हमलोगों के साथ खड़ा रहकर जनजीवन को सामान्य कर पाए। बोले, सीएम ने सात जून से पहले ब्रिज तैयार करने का वादा किया था। जिसे विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समय से पूरा कराने में सफलता प्राप्त की।
विक्रमशिला सेतु के चारों बेली ब्रिज का रोज होगा मेंटेनेंस : सचिव
मौके पर पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि यह तो हमारी आरंभिक सफलता है। 16 मई से बेली ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ और छह जून तक सारा काम पूरा कर लिया गया। दूसरी सफलता दिसंबर में दिखेगी। जब सेतु पर स्टील का ट्रस ब्रिज तैयार कर पहले की तरह पुल को बनाया जाएगा। ट्रस ब्रिज के बाद भारी वाहनों का परिचालन भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए 30 नवंबर की डेडलाइन (लक्ष्य) तय की गयी है। सचिव ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के चारों बेली ब्रिज का प्रतिदिन मेंटेनेंस होगा। इसके लिए प्रतिदिन रात में एक घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। सेतु पर वाहनों की आवाजाही की ड्रोन विडियोग्राफी भी प्रतिदिन होगी, ताकि उस वीडियो का रोज अध्ययन कर पुल की स्थिति और वाहनों के भार का आकलन होगा।
निर्धारित समय के अंदर काम पूरा कर लिया गया: डीएम
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा, बीआरओ की टीम ने पूरे बिहारवासियों का दिल जीता है। निर्धारित समय के अंदर काम पूरा कर लिया गया। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि पुल पर 24 घंटे पुलिस मौजूद रहेगी। उनके स्थायी और सुरक्षित आवासन की तैयारी की गई है। उद्घाटन से पहले मंत्री ने बीआरओ के तमाम कर्मियों को गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर बीआरओ के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चंद की प्रशंसा भी की गई। मौके पर एडीएम विधि व्यवस्था राकेश रंजन, सदर एसडीएम विकास कुमार आदि मौजूद रहे।
... और जब नारियल फोड़कर खुद प्रसाद भी खा लिए मंत्री
पथ निर्माण मंत्री पूरी तरह आध्यात्मिक हैं। उन्होंने इसकी बानगी सरेआम दिखाई भी। मौका था बेली ब्रिज के उद्घाटन समारोह का। पहले तीन पंडितों से वैदिक मंत्रोच्चार कराया। फिर फीता की गांठ खोली। इसके बाद नारियल फोड़कर उद्घाटन किया। नारियल जब फूटकर टुकड़ों में फैल गया। तब मंत्री ने भी नीचे गिरे टुकड़ों को उठाया और मुंह में रख लिया।
... तीन पंडितों ने बजाया शंख, दो पुलिस गाड़ी हुई आर-पार
बेली ब्रिज के उद्घाटन का अंदाज भी जुदा रहा। तीन पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बाद शंखनाद भी किया। शंख की ध्वनि शांत हुई तो पिलर संख्या 133 पर बने बेली ब्रिज पर दो पुलिस की गाड़ी भी आर-पार हुई। इसके बाद सभी ने तालियां बजाकर आधिकारिेक रूप से वाहनों की आवाजाही की मुनादी की। फिर तो काफी देर तक वाहनों का काफिला दोनों ओर लगा रहा। शाम तक अनवरत गाड़ियों की आवाजाही लगी रही।
एंबुलेंस भी आने-जाने लगीं, मरीजों को होगी सहूलियत
सेतु पर आवागमन शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा मरीज और उनके तीमारदारों को हुआ है। पुल टूटने के बाद से गंगा पार के क्षेत्र और कोसी-सीमांचल से एंबुलेंस मायागंज अस्पताल नहीं आ रही थी। अब एंबुलेंस आनी शुरू हो गई। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में एंबुलेंस की बड़ी गाड़ियों को सफलतापूर्वक आर-पार कराया गया। इससे आमलोगों ने भी राहत की सांस ली। भागलपुर में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा मेडिकल हॉस्पिटल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल है।
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