35 दिन बाद विक्रमशिला सेतु से फिर शुरू हुई आवाजाही
तीन मई को पोल संख्या 133 के पास का स्लैब पानी में गिरा था तीन

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। कोसी-सीमांचल समेत तमाम पूर्वोत्तर राज्यों को पूर्वी बिहार से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर रविवार दोपहर बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। करीब 35 दिन बाद इस पुल से लोग गुजर सकेंगे। तीन मई की मध्य रात पुल का स्लैब पानी में गिर गया था। पोल संख्या 133 के पास वाला स्लैब के स्ट्रक्चर सपोर्ट टूट जाने से करीब 34 मीटर लंबा हिस्सा नदी में जा गिरा था। सेतु क्षतिग्रस्त होने से जिला मुख्यालय का संपर्क नवगछिया अनुमंडल से पूरी तरह टूट गया। लोगों की परेशानी को देखते हुए नाव और जहाज की सेवा बहाल कराई गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भागलपुर दौरे के बाद नाव और जहाज से आम यात्रियों से यात्रा शुल्क लेना बंद कर दिया गया। जहाज संचालक और नाविकों को सरकारी निधि से भुगतान कराया जा रहा है।
सेतु की जांच और निर्माण
पुल के गिरने की जांच आईआईटी पटना और निगम की एक्सपर्ट टीम ने की और जो रिपोर्ट दी उसके हिसाब से चार बेली ब्रिज बनाए गए। यह पहला मौका है कि किसी ब्रिज पर नया ब्रिज तैयार कर दिया गया। ब्रिज बनाने वाले सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का दावा है कि देश का यह पहला ब्रिज है जो पुल पर तैयार किया गया। यानी पुल के पिलर और फर्श का सहारा लेकर लोहे का ब्रिज बनाया गया। पुल पर यातायात बहाल होने से कोसी-सीमांचल का सड़क संपर्क फिर बहाल हो जाएगा।
बसों और बड़ी गाड़ियों की आवाजाही
हालांकि अब पूर्व की तरह बसें इस पर नहीं आ सकेंगी। खगड़िया, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया की ओर जाने वाली बसें अब जाह्नवी चौक से ही खुलेंगी। जाह्नवी चौक तक आने-जाने के लिए तिलकामांझी या जीरोमाइल चौक से ऑटो-टोटो खुलेगा। वैसे, ट्रक-हाइवा आदि बड़ी गाड़ियां स्टीमर के सहारे आरपार हो सकेंगी। यही वजह है कि स्टीमर को परिचालन के लिए मना नहीं किया गया है।
प्रशासनिक प्रबंध
प्रशासनिक पदाधिकारियों ने बताया कि रविवार तक तो नाव और जहाज सेवा पूर्व की तरह जारी रहेगी। उसके बाद लोगों की भीड़ और बेली ब्रिज पर परिचालन से मिली राहत को देखते हुए नाव सेवा बंद करने की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इन मजिस्टेट और पुलिस पदाधिकारियों की ड्यूटी अब सेतु पर लगाई जाएगी। एडीएम (आपदा) कुंदन कुमार ने बताया कि रविवार से शुरू हो रहे सेतु पर परिचालन को ध्यान में रखते हुए सारे एहतियाती कार्य किए जा रहे हैं। रविवार तक बरारी और जाह्नवी घाट पर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती है।


