चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लोग अपना रहे देसी जुगाड़
विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा पार का सफर यात्रियों के लिए कठिन हो गया है। पहले 5 मिनट में तय होने वाली यात्रा अब नाव से 30-40 मिनट लग रही है। गर्मी और धूप में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान हैं। नावों में भीड़ और भाड़े को लेकर विवाद भी बढ़ रहे हैं।

नवगछिया, निज संवाददाता। विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा पार का सफर लोगों के लिए किसी यातना से कम नहीं रह गया है। जहां पहले यह दूरी पुल से महज पांच मिनट में तय हो जाती थी, अब वही यात्रा नाव से 30 से 40 मिनट में पूरी हो रही है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महादेवपुर घाट पर ही यात्रियों की लंबी कतार लग जाती है। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और बीमार लोग इस दुर्गम यात्रा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। नाव की प्रतीक्षा में घंटों खड़े रहना और फिर भीड़भाड़ वाली नाव में सफर करना लोगों की मजबूरी बन गई है।
यात्रा के दौरान कई यात्री चिलचिलाती धूप से बचने के लिए देसी जुगाड़ अपनाते दिखे। गंगाजल में गमछा या तौलिया भिंगोकर सिर पर रखकर लोग किसी तरह राहत पाने की कोशिश करते नजर आए। यात्रियों का कहना है कि पुल बंद होने से न सिर्फ समय बल्कि स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं, भाड़ा को लेकर नाविकों और यात्रियों के बीच कई बार बहस की स्थिति भी बन जा रही है।
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