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बोले भागलपुर: विवि स्टेडियम में मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर हो

बोले भागलपुर: विवि स्टेडियम में मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर हो

संक्षेप:

भागलपुर के तिलकामांझी विश्वविद्यालय स्टेडियम में खिलाड़ियों को जर्जर भवन और सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय, पानी, और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रैक्टिस में कठिनाई होती है।  

Dec 04, 2025 05:29 pm ISTYogendra Rai हिन्दुस्तान, भागलपुर
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मारवाड़ी कॉलेज परिसर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय स्टेडियम का भवन काफी दिनों से जर्जर होने से खिलाड़ियों को अपना सामान रखने के साथ बैठना या किसी प्रकार की खेल गतिविधियों में परेशानी होती है। जर्जर भवन के कारण खिलड़ियों को छत और बीम गिरने का डर बना रहता है। इसको देखते हुए टीएमबीयू प्रशासन समेत सरकार के स्तर से भी विश्वविद्यालय स्टेडियम में खेल एवं खिलाड़ियों की सुविधा विकसित करने के साथ आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम और भवन निर्माण कराया जाय।

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बिहार में खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाये गये हैं। जिसके तहत खेल खिलाड़ियों के विकास के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जा रहा है। इसके साथ ही खेलो इंडिया समेत कई तरह के आयोजन भी लगातार किए जा रहे है। जिससे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ टूनामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर अपने विश्वविद्यालय, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा सकें। यूनिवर्सिटी स्टेडियम में एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को दौड़ने और अन्य खेलकूद की गतिविधि में काफी असुविधा होती है। यहां दौड़ की प्रैक्टिस के लिए किसी तरह की सुविधा नहीं है। ग्राउंड में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण अंधेरा होने पर खिलाड़ियों को खेल एवं प्रैक्टिस में दिक्कत होती है।

भागलपुर में सिंथेटिक ग्राउंड की व्यवस्था को लेकर खेल विभाग के साथ वर्तमान और पूर्व सांसद समेत कई जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी अब तक भागलपुर में सिंथेटिक ट्रैक तो दूर की बात यहां स्टेडियम में पेयजल, स्ट्रीट लाइट, शौचालय, यूरिनल, वॉशरूम और खिलाड़ियों के बैठने और आराम करने के लिए शेड और कमरे तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बड़ी बात यह की सरकार द्वारा मेडल लाओ नौकरी पाओ की योजना शुरू की गई लेकिन मेडल लाने के लिए खिलाड़ियों को मुहैया कराने वाले जरूरी संसाधन, ग्राउंड और सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मारवाड़ी महाविद्यालय के पूर्व एथलिट रहे खेल प्रशिक्षक कुन्दन कुमार ने बताया कि इस ग्राउंड में सुविधाओं के अभाव के बावजूद कई खिलाड़ी यहां प्रैक्टिस कर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होकर सफलता प्राप्त कर चुके हैं। पिछले कुछ समय से जर्जर स्टेडियम और बदहाल रनिंग ट्रैक के कारण खिलाड़ी मेहनत के बावजूद कई बार प्रदर्शन में पिछड़ जाते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार द्वारा इस स्टेडियम एवं ट्रैक को बेहतर बनाने के साथ खिलाड़ियों के लिए जरूरी साधन मुहैया कराकर इसका कायाकल्प कराया जाय। ताकि आधुनिक सुविधाओं से संपन्न स्टेडियम में विश्वविद्यालय, जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन कराया जा सके।

छात्राओं ने बताया कि विश्वविद्यालय स्टेडियम में खेलने या प्रैक्टिस करने आने वाले खिलाड़ियों एवं छात्र-छात्राओं को यूरिनल और शौचालय की जरूरत पड़ने पर काफी परेशानी होती है। इसके कारण छात्राएं और महिला खिलाड़ी कम पानी पीकर मैदान में प्रैक्टिस करने आते हैं। जबकि पानी कम पीने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शुभम कुमार ने बताया कि लाइट की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को ठंड के मौसम में प्रैक्टिस के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है, और अभ्यास अधूरा रह जाता है। मैदान की साफ-सफाई और रखरखाव की कोई सुविधा नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी होती है। जिससे खिलाड़ियों को ही खुद से मैदान की सफाई और रनिंग ट्रैक का समतलीकरण करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बिहार में पटना के बीएमपी कैंप, राजेंद्र नगर, पाटलीपुत्र और पूर्णिया में एथलिटों के लिए सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा है, लेकिन पुरानी कमिश्नरी और बिहार को कई खेलों में अलग-अलग मेडल दिलाने वाले भागलपुर जिले में आज तक एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए कहीं भी सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण नहीं कराया गया। जिसके कारण यहां के खिलाड़ियों को रनिंग प्रैक्टिस के लिए बेहतर सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है।

उत्तम आनंद ने बताया कि भागलपुर विश्वविद्यालय स्टेडियम में कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रा एवं खिलाड़ियों के साथ आसपास के युवा और छात्र-छात्रा भी यहां प्रैक्टिस करने आते हैं। जिससे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को बेहतर कर विश्वविद्यालय और जिले का नाम रोशन कर खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें। अमृत कुमार और सोनू कुमार ने बताया कि भागलपुर में खेल और खिलाड़ियों के विकास पर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को ध्यान देकर सामूहिक रूप से खिलाड़ियों के जरूरी संसाधन की व्यवस्था करनी होगी। ताकि खिलाड़ी अच्छी ट्रेनिंग और प्रैक्टिस के साथ बेहतर प्रदर्शन के लिए खुद को तैयार कर खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकें। इससे भागलपुर विश्वविद्यालय और बिहार का सम्मान भी बढ़ेगा। जबकि छात्र युवाओं के समक्ष बेहतर कॅरियर का विकल्प भी तैयार होगा। रनिंग ट्रैक ठीक नहीं होने से पैर में जख्म लग जाता है, लेकिन कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण वर्षों से खेलकूद में रुचि रखने वाले छात्र-छात्रा और खिलाड़ी यहां सुबह शाम प्रैक्टिस करने आते हैं।

स्टेडियम में यूरिनल, शौचालय और पानी की सुविधा हो

धीरज कुमार और मनीष कुमार ने बताया कि वैसे तो यूरिनल शौचालय और पानी की सुविधा नहीं होने से यहां प्रैक्टिस करने वाले सभी खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है। लेकिन महिला खिलाड़ियों को अधिक समस्या होती है। खिलाड़ियों के साथ आसपास के इलाके से सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा भी आते हैं। स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं के साथ साफ-सफाई और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाने होंगे।

इनकी भी सुनिए

भागलपुर विश्वविद्यालय स्टेडियम में अच्छे रनिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाय। ताकि खिलाड़ियों को दौड़ने में सहूलियत हो। विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार द्वारा इसपर ध्यान देना होगा। बड़े टूनामेंट के लिए मैदान को व्यवस्थित किया जाय।

-पीयूष कुमार

स्टेडियम में लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाय। ताकि खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में सुविधा हो और वे अपने बेहतर प्रदर्शन से विश्वविद्यालय और जिले का नाम रोशन कर सकें। स्टेडियम में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था हो।

-रवि शंकर

शौचालय और यूरिनल की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को मैदान के बाहर या झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। इससे परेशानी होती है। महिला खिलाड़ियों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ियों को सुविधा मिलनी चाहिए।

-ओम प्रकाश

मारवाड़ी कॉलेज परिसर स्थित यूनिवर्सिटी स्टेडियम में प्रैक्टिस कर दर्जनों खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को साबित किया है। अपनी योग्यता के बल पर पदक प्राप्त करने के साथ कई खिलाड़ियों का कॅरियर भी बना है।

-भोला कुमार

स्टेडियम के चारों ओर शेड की व्यवस्था नहीं होने से काफी परेशानी होती है। बारिश और गर्मी की तेज धूप में खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट के समय दर्शकों को भी दिक्कत होती है। स्टेडियम का भवन भी जर्जर अवस्था में है, जहां खतरा बना रहाता है।

-कृष्णा कुमार

तिलकामांझी विश्वविद्यालय स्टेडियम में वॉशरूम और शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से सभी स्थानीय एवं बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के साथ छात्र-छात्राओं को विशेष परिस्थिति में काफी दिक्कत होती है। टॉयलेट रोकने से परेशानी बढ़ जाती है।

-नीतू कुमारी

यूरिनल, पानी और शौचालय की सुविधा विश्वविद्यालय स्टेडियम में नहीं रहने से खासकर महिला खिलाड़ियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाथरूम जाने के डर से कम पानी पीते हैं। जिससे प्रैक्टिस पर बुरा असर पड़ता है।

-साधना कुमारी

स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था स्टेडियम के चारों ओर की कराई जाय। ताकि छोटे बड़े टूर्नामेंट या प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों को रोशनी की कमी से किसी प्रकार की असुविधा न हो। ठंड के मौसम में अंधेरा जल्दी हो जाने से कम समय प्रैक्टिस कर पाते हैं।

-अंशु कुमारी

रनिंग ट्रैक की हालत बदतर है। गड्ढा और ऊंचा ट्रैक पर दौड़ने में कई बार पैर मुड़कर चोटिल हो जाता है। रनिंग ट्रैक को समतल और व्यवस्थित कराया जाय। ताकि एथलिटों को दौड़ की प्रैक्टिस में सहूलियत हो। जिससे वे खेलों में पदक जीत सकें।

-पल्लवी सागर

अभाव के बीच विश्विविद्यालय स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों को नेशनल गेम के लिए चयनित होने के बाद भी ड्रेस समेत सभी तरह के खर्च खुद वहन कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेना पड़ता है। सरकार और विवि सुविधा मुहैया कराये।

-शुभम कुमार

स्टेडियम में जगह काफी है। लेकिन यहां सुविधाओं का काफी अभाव है। स्टेडियम का भवन जर्जर हो गया है। खिलाड़ियों के रेस्ट करने के लिए कमरे और महिला खिलाड़ियों के चेंजिंग रूम या वॉशरूम की कोई सुविधा नहीं है। खिलाड़ियों को दिक्कत होती है।

-पशुपति नाथ

विश्वविद्यालय स्टेडियम में रनिंग, लौंग जंप, हाई जंप, शॉटपुट, गोला फेंक समेत एथलेटिक्स के अंतर्गत आनेवाले कई खेलों के प्रैक्टिस सेशन में खिलाड़ी शामिल होते हैं। यहां खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं विकसित की जाय।

-उत्तम आनंद

खिलाड़ियों में योग्यता और क्षमता की कमी नहीं है। केवल जरूरी संसाधन और सुविधा मुहैया कराई जाय तो यहां के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा साबित कर बिहार और देश में अपनी पहचान बना सकते हैं। भागलपुर में खेल के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाय।

-श्यामदेव कुमार

ओडिसा, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड, प. बंगाल, असम समेत कई जगहों पर अलग-अलग वेट और एज ग्रुप के साथ भागलपुर के एथलिटों ने नेशनल इवेंट में हिस्सा लेकर सौ से अधिक पदक प्राप्त किया है। बावजूद खिलाड़ियों को सुविधा नहीं मिलती।

-विशाल कुमार

दूसरे शहर से खिलाड़ी प्रैक्टिस करने यूनिवर्सिटी स्टेडियम आते हैं। यहां विवि और खेल विभाग द्वारा सरकारी स्तर से ट्रेंड प्रशिक्षक के साथ रनिंग ट्रैक और तमाम जरूरी सुविधा मुहैया कराई जाय तो खिलाड़ियों की बेहतर ट्रेनिंग और प्रैक्टिस हो सकेगी।

-मनीष कुमार

सरकार द्वारा भागलपुर में एथलिटों के प्रैक्टिस और छोटे बड़ी प्रतियोगिता के आयोजन के लिए सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा मुहैया कराई जाय। प्रैक्टिस के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। ताकि खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा सकें।

-कुन्दन कुमार

समस्या

1. मारवाड़ी कॉलेज स्थित विश्वविद्यालय स्टेडियम में चेंजिंग रूम, वॉशरूम, यूरिनल और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे यहां प्रैक्टिस करने में असुविधा होती है।

2. विश्वविद्यालय स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए व्यवस्थित रूप से अच्छे रनिंग ट्रैक का निर्माण नहीं होने से गड्ढे और ऊंचे ट्रैक पर एथलिटों को दौड़ने में असुविधा होती है।

3. विश्वविद्यालय स्टेडियम के अंदर और रनिंग ट्रैक के आसपास स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरे में छात्र-छात्राओं एवं खिलाड़ियों को प्रैक्टिस में दिक्कत होती है।

4. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्टेडियम और आसपास के इलाके में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं होने से कचरा फैला रहता है। इसे खिलाड़ी खुद साफ सफाई करते हैं।

5. यूनिवर्सिटी स्टेडियम में पानी की सुविधा नहीं होने के कारण यहां खेलने और प्रैक्टिस करने आने वाले खिलाड़ियों को पानी की समस्या होती है।

सुझाव

1. विश्वविद्यालय स्टेडियम में खेलने और प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की सुविधा के लिए वॉशरूम, यूरिनल, चेंजिंग रूम और शौचालय की व्यवस्था कराई जाय।

2. एथलिटों की प्रैक्टिस के लिए विश्वविद्यालय स्टेडियम में व्यवस्थित रूप से रनिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाय। ताकि खिलाड़ी रनिंग पर प्रैक्टिस कर सकें।

3. विश्वविद्यालय स्टेडियम समेत रनिंग ट्रैक के चारों ओर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जाय। लाइट की सुविधा होने पर शाम में देर तक खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे।

4. साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक हो इसके लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस दिशा में ध्यान देना होगा। सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।

5. स्टेडियम में पानी की सुविधा सुनिश्चित कराने से यहां खेलने और प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों को पानी की समस्या नहीं होगी। पानी ढोकर नहीं लाना होगा।

प्रस्तुति: रविशंकर, फोटोग्राफ: संजीव