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घर के बाहर पेड़ के नीचे बैठी थी सास-बहू, वज्रपात में जान ही चली गई

सनोखर थाना क्षेत्र के महेशखोर गांव में गुरुवार दोपहर आंधी-बारिश के बीच ठनका गिरने से सास-बहू की मौत हो गई। सास सावित्री देवी (65) और बहू रूबी देवी (38) घर के सामने ही आम के पेड़ के नीचे बैठी थी। तभी अचानक ठनका गिरने से सास-बहू और पास में ही गांव के अवधेश मंडल की बाछी बंधी की मौत हो गई। रूबी देवी पिपरपांती स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-138 में बतौर सेविका कार्यरत थी और गुरुवार को ही सन्हौला में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर लौटी थी। सनोखर पुलिस ने दोनों महिलाओं के शव को कब्जे में ले लिया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। एक हफ्ते में सात की मौत कहलगांव अनुमंडल में पिछले एक सप्ताह के दौरान ठनका गिरने से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लोग घायल हो चुके हैं। पिछले गुरुवार को सनोखर थाना क्षेत्र के धनौरा गांव के आलोक यादव (25), कहलगांव थाना क्षेत्र के सिया गांव के महादलित परिवारों के चार बच्चे ठनका की चपेट में आने से काल के गाल में समा गए थे। इन बच्चों में दीपू कुमार (10), संगीता कुमारी (10), सुलेखा कुमारी (14) और आरती कुमारी (8) शामिल हैं। उसी दिन चार अन्य घायल हो गए थे। उसी दिन दो गायों की भी ठनका से मौत हुई थी और उसके ठीक एक हफ्ते बाद सास-बहू की मौत हो गई। अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया शुरू सीडीपीओ मीणा कुमारी ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका रूबी कुमारी और उसकी सास की ठनका गिरने से मौत हुई है। रूबी प्रखंड से प्रशिक्षण लेकर घर लौटी ही थी कि यह घटना हो गई। वहीं, सीओ रंजन कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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  • Web Title:Two died from thunderstorm in bhagalpur